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डॉ. बलजीत कौर का बड़ा ऐलान – दिव्यांग वयस्कों के लिए 67 कानूनी अभिभावक नियुक्त

Legal Guardianship Punjab : सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री **डॉ. बलजीत कौर** ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार विशेष आवश्यकताओं वाले बालिग व्यक्तियों के कल्याण हेतु महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इसी क्रम में, विभाग ने एक माह की अवधि के भीतर कुल 67 वयस्क विशेष ज़रूरतों वाले व्यक्तियों के लिए **कानूनी अभिभावक प्रमाण पत्र (Legal Guardianship Certificate)** जारी किए हैं।

नेशनल ट्रस्ट एक्ट, 1999 के तहत कानूनी सुरक्षा

डॉ. बलजीत कौर ने विस्तार से बताया कि कानूनी अभिभावकता (Legal Guardianship) ‘नेशनल ट्रस्ट एक्ट, 1999’ के अंतर्गत एक सरकारी प्रक्रिया है। इसका प्राथमिक उद्देश्य ऑटिज़्म, सेरेब्रल पाल्सी, बौद्धिक अक्षमता (Intellectual Disability) और एकाधिक अक्षमताओं (Multiple Disabilities) से प्रभावित वयस्क व्यक्तियों की सुरक्षा, कल्याण और सशक्तिकरण सुनिश्चित करना है।

इस प्रक्रिया के माध्यम से, ऐसे वयस्क व्यक्तियों के लिए एक जिम्मेदार कानूनी संरक्षक नियुक्त किया जाता है, जो अपनी अक्षमता के कारण दैनिक महत्वपूर्ण कार्य स्वतंत्र रूप से करने में असमर्थ होते हैं।

यह उन्हें निम्नलिखित आवश्यक सुविधाएँ बेहतर तरीके से उपलब्ध कराता है:

  • सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करना,
  • बैंकिंग और दस्तावेज़ी कार्यों में सुगमता,
  • निर्णय लेने में उचित सहयोग मिलना।

कौन बन सकता है लीगल गार्डियन?

मंत्री ने स्पष्ट किया कि कानूनी अभिभावक माता-पिता, भाई-बहन, निकट संबंधी अथवा किसी सामाजिक संगठन से जुड़ा जिम्मेदार नागरिक भी हो सकता है। इनकी नियुक्ति एक अधिकृत समिति द्वारा अनुमोदन प्राप्त करने के बाद की जाती है।

लीगल गार्डियनशिप के फायदे: जीवन में बड़ा बदलाव

उन्होंने कहा कि ये प्रमाण पत्र विशेष आवश्यकताओं वाले बच्चों और वयस्कों के जीवन में अत्यंत सकारात्मक बदलाव लाते हैं। यह उन्हें—

  • कानूनी सुरक्षा कवच,
  • उनके अधिकारों की सुनिश्चित रक्षा,
  • सरकारी सुविधाओं तक सीधी और सरल पहुँचप्रदान करते हैं।

विशेष जरूरतों वाले व्यक्तियों के लिए विस्तृत योजनाएँ

डॉ. बलजीत कौर ने अवगत कराया कि पंजाब सरकार ने विशेष जरूरतों वाले नागरिकों के लिए अनेक योजनाएँ और सुविधाएँ लागू की हैं। इनका लक्ष्य उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और उनके जीवन-स्तर में निरंतर सुधार लाना है।

मुख्यमंत्री के निर्देश: कोई भी विशेष जरूरत वाला व्यक्ति पीछे न रहे

उन्होंने दोहराया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी विशेष आवश्यकताओं वाले व्यक्ति को पीछे नहीं छोड़ा जाना चाहिए और हर स्तर पर उन्हें पूर्ण सहयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

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