हाल ही में जेफ्री एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों (Epstein Files) के जारी होने के बाद कई वैश्विक हस्तियों के नाम सामने आए हैं। इस कड़ी में, तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा का नाम कथित तौर पर दस्तावेजों में आने से एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया था। हालांकि, दलाई लामा के कार्यालय ने इन सभी दावों पर तत्काल और सख्त स्पष्टीकरण जारी किया है, जिसमें इन्हें पूरी तरह से भ्रामक और गलत बताया गया है।
दलाई लामा के कार्यालय ने एक आधिकारिक प्रेस बयान में साफ तौर पर कहा है कि “परम पावन (दलाई लामा) ने कभी भी जेफ्री एपस्टीन से मुलाकात नहीं की है।” कार्यालय ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने न तो एपस्टीन से मिलने की अनुमति दी और न ही कभी उनसे कोई संपर्क स्थापित किया गया। उनका कहना है कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे ये दावे पूरी तरह से एकतरफा रिपोर्टिंग और अफवाहों पर आधारित हैं।
कार्यालय ने आगे बताया कि यूएस न्याय विभाग द्वारा जारी एपस्टीन फाइलों के कुछ संदर्भों में दलाई लामा का नाम हो सकता है, लेकिन यह किसी गलत कनेक्शन या अपराध का प्रमाण नहीं है। बयान में कहा गया है कि यह नाम केवल सार्वजनिक विवरणों या टिप्पणियों के संदर्भ में दर्ज हो सकता है, जैसे कि किसी समारोह या सार्वजनिक कार्यक्रम में उनकी उपस्थिति का उल्लेख।
कार्यालय ने कड़े शब्दों में कहा कि ऐसे दावे दलाई लामा की वैश्विक छवि को धूमिल करने की कोशिश जैसे लगते हैं, क्योंकि उनके जीवन का मुख्य उद्देश्य हमेशा शांति, करुणा और मानवता की सेवा रहा है, और उन्होंने व्यक्तिगत रूप से किसी भी विवादित व्यक्ति से कोई संबंध नहीं रखा है। कार्यालय ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी आरोप को बिना संदर्भ और सत्यापित प्रमाण के नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
दलाई लामा के कार्यालय द्वारा दी गई इस सशक्त सफ़ाई ने वैश्विक स्तर पर फैली गलतफहमी को दूर करने का प्रयास किया है और यह दोहराया है कि एपस्टीन से जुड़े होने के इन दावों का कोई वास्तविक या आधिकारिक आधार मौजूद नहीं है।









