दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कस्टम विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए करोड़ों रुपये के गांजे की भारी खेप पकड़ी है। बैंकॉक से आए दो भारतीय यात्रियों को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास से अंतरराष्ट्रीय बाजार में 10 करोड़ रुपये से अधिक का गांजा बरामद हुआ है। यह कार्रवाई देश में नशीले पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
हाल ही में हुई इस कार्रवाई के तहत, कस्टम अधिकारियों ने विशिष्ट प्रोफाइलिंग के आधार पर बैंकॉक से आ रहे दो भारतीय यात्रियों को दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 पर ग्रीन चैनल पर रोका। उनके सामान की गहन एक्स-रे स्क्रीनिंग की गई, जिसके बाद उन्हें विस्तृत जांच के लिए एक अलग स्थान पर ले जाया गया। तलाशी के दौरान, उनके एक काले रंग के ट्रॉली बैग के भीतर दस पॉलीथीन पाउच में भरा हरा नशीला पदार्थ मिला। प्राथमिक जांच में इस पदार्थ की पहचान गांजा (मारिजुआना) के रूप में हुई।
जब्त किए गए गांजे का कुल वजन 10.724 किलोग्राम है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 10.724 करोड़ रुपये आंकी गई है। कस्टम विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया है। उनके खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट (NDPS Act) 1985 के तहत मामला दर्ज किया गया है, और आगे की कानूनी कार्यवाही जारी है।
कस्टम अधिकारी गिरफ्तार किए गए यात्रियों से लगातार पूछताछ कर रहे हैं। इस जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि यह मादक पदार्थ की खेप कहां से लाई गई थी और इसका अंतिम गंतव्य क्या था। यह कार्रवाई दिल्ली एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था और कस्टम विभाग की मुस्तैदी का एक और प्रमाण है, जिसने देश में नशीले पदार्थों के प्रवेश को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
कस्टम विभाग की यह सतर्कता नशीले पदार्थों के अवैध व्यापार पर लगाम लगाने में सहायक है और ऐसे प्रयासों से देश की युवा पीढ़ी को इस खतरे से बचाया जा सकता है।









