देश का विदेशी मुद्रा भंडार 3.2 अरब डॉलर बढ़ा, गोल्ड रिजर्व में भी इजाफा

manoj tiwari (2)
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भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार मजबूती देखने को मिल रही है। 26 दिसंबर को खत्म हुए हफ्ते में देश का फॉरेक्स रिजर्व 3.293 बिलियन डॉलर बढ़कर 696.610 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया है। यह जानकारी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से शुक्रवार को जारी आंकड़ों में सामने आई। इससे पहले वाले हफ्ते में भी विदेशी मुद्रा भंडार में 4.368 बिलियन डॉलर की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी, जिसके बाद यह 693.318 बिलियन डॉलर हो गया था।

आरबीआई के मुताबिक, विदेशी मुद्रा भंडार के सबसे बड़े हिस्से फॉरेन करेंसी एसेट्स (FCA) में भी बढ़ोतरी हुई है। 26 दिसंबर को खत्म हुए सप्ताह में एफसीए की वैल्यू 184 मिलियन डॉलर बढ़कर 559.612 बिलियन डॉलर हो गई। एफसीए में डॉलर के अलावा यूरो, पाउंड और जापानी येन जैसी अन्य विदेशी मुद्राओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर भी शामिल होता है।

इस सप्ताह भारत के सोने के भंडार (Gold Reserve) में भी अच्छी बढ़त देखने को मिली। आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, गोल्ड रिजर्व 2.956 बिलियन डॉलर बढ़कर 113.32 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया। सोने के भंडार में आई इस बढ़ोतरी का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दिखा, जहां फिलहाल सोने की कीमत करीब 4400 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रही है।

इसके अलावा, स्पेशल ड्राइंग राइट्स (SDR) में भी इजाफा हुआ है। इस अवधि में SDR 60 मिलियन डॉलर बढ़कर 18.803 बिलियन डॉलर हो गया। वहीं, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के साथ भारत की रिजर्व पोजिशन भी मजबूत हुई है और यह 93 मिलियन डॉलर बढ़कर 4.875 बिलियन डॉलर पर पहुंच गई है।

विदेशी मुद्रा भंडार किसी भी देश की आर्थिक मजबूती का अहम संकेत माना जाता है। इससे न केवल देश की वित्तीय स्थिति का पता चलता है, बल्कि आयात के भुगतान, विदेशी कर्ज और ब्याज चुकाने में भी यह बेहद उपयोगी होता है। भारत में आरबीआई विदेशी मुद्रा भंडार का इस्तेमाल रुपये की स्थिरता बनाए रखने और जरूरत पड़ने पर मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप करने के लिए करता है।

इसके अलावा, मजबूत फॉरेक्स रिजर्व से विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ता है, जिससे देश के विभिन्न सेक्टरों में निवेश को बढ़ावा मिलता है। विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार बढ़ोतरी भारत की अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है और यह वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच देश को मजबूत स्थिति में रखता है।

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