नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान एक बार फिर राजनीतिक रूप से सक्रिय नजर आ रहे हैं। इस बार उनका फोकस सीधे युवाओं और Gen Z पर दिखाई दे रहा है. 25 जुलाई को छात्र आंदोलनों के बीच इस्तीफा देने के बाद अब वह विश्वविद्यालयों और छात्रों के बीच संवाद करते नजर आ रहे हैं।
छात्रों के बीच पहुंच रहे धर्मेंद्र प्रधान
धर्मेंद्र प्रधान हाल के दिनों में GM University के कार्यक्रम और दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रों के बीच नजर आए हैं. उनके इन कार्यक्रमों को युवाओं के साथ दोबारा जुड़ने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है. खास बात यह है कि जिस Gen Z को लेकर शिक्षा मंत्री रहते हुए उन पर लगातार सवाल उठे थे, अब उसी युवा वर्ग के बीच उनकी सक्रियता बढ़ती दिख रही है।
25 जुलाई को दिया था इस्तीफा
NEET-UG और पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में छात्रों के प्रदर्शन के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई 2026 को केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. इस्तीफे के बाद उन्होंने युवाओं को देश की ताकत बताया था और कहा था कि Gen Z भारत को आगे ले जाने वाली पीढ़ी है।
क्या युवाओं के जरिए वापसी की तैयारी?
धर्मेंद्र प्रधान का छात्रों और Gen Z के बीच बढ़ता संवाद राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है. हालांकि, इसे उनके औपचारिक राजनीतिक कमबैक की घोषणा नहीं कहा जा सकता, लेकिन उनकी मौजूदा गतिविधियां संकेत देती हैं कि वह युवा वर्ग के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने पर जोर दे रहे हैं. आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि उनकी भूमिका पार्टी संगठन, युवा राजनीति और आगामी चुनावी रणनीति में किस तरह तय होती है।