नई दिल्ली/छतरपुर: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मौलाना जरजिस अंसारी के भगवान श्रीकृष्ण को लेकर दिए गए विवादित बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. कथा के दौरान उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के नमाज पढ़ने का दावा पूरी तरह निराधार और मनगढ़ंत है. साथ ही चेतावनी दी कि यदि भविष्य में इस तरह का बयान दोबारा दिया गया, तो वह संबंधित व्यक्ति के घर के बाहर जाकर भगवद्गीता का पाठ करेंगे.
धीरेंद्र शास्त्री ने क्या कहा?
छतरपुर में कथा के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि सनातन धर्म और उसके आराध्यों का अपमान किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण को मुस्लिम या नमाजी बताने का दावा तथ्यों से परे है और इससे करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं. उन्होंने मंच से कहा कि यदि भविष्य में इस तरह की टिप्पणी दोबारा की गई, तो वह स्वयं संबंधित व्यक्ति के घर जाकर श्रद्धापूर्वक गीता पाठ करेंगे.
क्या है पूरा विवाद?
विवाद की शुरुआत 23 जून को झारखंड में दिए गए मौलाना जरजिस अंसारी के एक भाषण से हुई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में मौलाना ने दावा किया कि भगवान श्रीकृष्ण पांचों वक्त नमाज पढ़ते थे और इस्लाम का प्रचार करते थे। उन्होंने अपने दावे के समर्थन में श्रीमद्भगवद्गीता के छठे अध्याय के एक श्लोक का हवाला दिया। हालांकि, कई धार्मिक विद्वानों और हिंदू संगठनों ने इस व्याख्या को गलत बताते हुए इसका विरोध किया।
हिंदू संगठनों ने जताई नाराजगी
मौलाना के बयान के बाद कई हिंदू संगठनों ने विरोध दर्ज कराया और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि धार्मिक ग्रंथों की कथित गलत व्याख्या कर लोगों की भावनाओं को आहत किया गया है।
लखनऊ में FIR दर्ज
इस मामले में लखनऊ के हजरतगंज थाने में हिंदूवादी नेता शिशिर चतुर्वेदी की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, वायरल वीडियो और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस ने वीडियो की सत्यता और उससे जुड़े तथ्यों की भी पड़ताल शुरू कर दी है।