भारत की एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) इंडस्ट्री के लिए यह समय बेहद खास है। हाल ही में ETF सेक्टर ने एक बड़ा माइलस्टोन हासिल किया है। न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, जेरोधा फंड हाउस ने बताया कि अक्टूबर 2025 तक भारत में ETF के तहत एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गए हैं। यह आंकड़ा अपने आप में बताता है कि भारतीय निवेशकों के बीच ETF कितनी तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं।
पिछले तीन सालों में ETF इंडस्ट्री का कुल AUM लगभग दोगुना हो गया है। इसका मतलब यह है कि ज्यादा से ज्यादा निवेशक अब पारंपरिक निवेश विकल्पों के साथ-साथ ETF को भी अपनाने लगे हैं। ETF का सबसे बड़ा फायदा यह है कि ये कम लागत, पारदर्शिता और आसान ट्रेडिंग का विकल्प देते हैं।
जेरोधा फंड हाउस के अनुसार, सिर्फ AUM ही नहीं, बल्कि ETF में ट्रेडिंग एक्टिविटी भी तेजी से बढ़ी है। ETF का ट्रेडिंग वॉल्यूम पिछले कुछ सालों में 7 गुना से ज्यादा बढ़ गया है। वित्त वर्ष 2019-20 में ETF का ट्रेडिंग वॉल्यूम करीब 51,000 करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 3.83 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इतना ही नहीं, मौजूदा वित्त वर्ष 2025-26 में भी यह तेजी जारी रही। अप्रैल से सितंबर 2025 के बीच सिर्फ छह महीनों में ही ETF ट्रेडिंग वॉल्यूम 3.2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया।
इस बढ़ती ट्रेडिंग एक्टिविटी से बाजार में लिक्विडिटी बढ़ी है। ज्यादा लिक्विडिटी का मतलब है निवेशकों को टाइट स्प्रेड, बेहतर प्राइस डिस्कवरी और आसानी से ट्रेड पूरा करने की सुविधा मिलना। खास बात यह है कि अब रिटेल निवेशकों की भागीदारी भी तेजी से बढ़ रही है, जो ETF ग्रोथ का एक बड़ा कारण बन रही है।
कमोडिटी ETF, खासकर गोल्ड और सिल्वर ETF ने भी जबरदस्त प्रदर्शन किया है। नवंबर 2025 तक गोल्ड और सिल्वर ETF मिलकर कुल ETF AUM का करीब 15 प्रतिशत हिस्सा बन चुके थे। पिछले एक साल में गोल्ड ETF का AUM दोगुना होकर 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया। वहीं, सिल्वर ETF का AUM चार गुना बढ़कर 49,000 करोड़ रुपये से ज्यादा पहुंच गया।
जेरोधा फंड हाउस के CEO विशाल जैन ने कहा कि 10 लाख करोड़ रुपये AUM का आंकड़ा पार करना भारतीय ETF सेक्टर के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह दिखाता है कि भारत में निवेशक अब ज्यादा समझदारी से और आधुनिक निवेश विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं।
जेरोधा फंड हाउस एक एसेट मैनेजमेंट कंपनी है, जो जेरोधा ब्रोकिंग लिमिटेड और CASE प्लेटफॉर्म्स प्राइवेट लिमिटेड का जॉइंट वेंचर है। आने वाले समय में ETF इंडस्ट्री से और भी मजबूत ग्रोथ की उम्मीद की जा रही है।









