आज के समय में यूरोप को आधुनिकता, विज्ञान और विकसित देशों का प्रतीक माना जाता है। लेकिन इतिहास पर नजर डालें तो एक समय ऐसा भी था जब पूरा यूरोप अंधविश्वास और अजीबोगरीब मान्यताओं के जाल में जकड़ा हुआ था।
पुराने दौर में यूरोप के लोगों के जीवन में जादू-टोना, भूत-प्रेतों और बुरी ताकतों का गहरा खौफ था। घरों और इमारतों में मिलने वाली कई प्राचीन वस्तुएं इस बात की गवाही देती हैं कि उस दौर के समाज में अंधविश्वास किस हद तक हावी था।
पुरातत्वविदों और शोधकर्ताओं को ऐतिहासिक घरों की खुदाई और मरम्मत के दौरान ऐसी कई अजीब चीजें मिली हैं, जिनका इस्तेमाल लोग बुरी नजर या बुरी ताकतों से बचने के लिए करते थे। इनमें दीवारों में छुपाई गई जड़ी-बूटियां, ताबीज और अजीबोगरीब आकृतियां शामिल हैं।
इन पुरावशेषों से यह साफ पता चलता है कि आधुनिकता की राह पर चलने से पहले यूरोप के समाज में अंधविश्वास का कितना बड़ा बोलबाला था। लोग छोटी-छोटी घटनाओं और बीमारियों के पीछे किसी अशुभ शक्ति या जादू-टोने का साया मानते थे।