पति से विवाद सुलझाने के बहाने बुलाया और किया गैंगरेप, पूर्व बीजेपी विधायक के खिलाफ एफआईआर दर्ज

पति के साथ चल रहे विवाद को सुलझाने के नाम पर एक महिला को ऑफिस बुलाया गया, जहां उसके साथ गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया गया। इस मामले में पूर्व बीजेपी विधायक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है।

मुंबई: महाराष्ट्र के कल्याण से बीजेपी के पूर्व विधायक नरेंद्र पवार और बर्खास्त पुलिसकर्मी शैलेश पाटिल के खिलाफ 22 वर्षीय महिला ने गैंगरेप और हथियार के बल पर धमकाने का आरोप लगाया है। महिला की शिकायत के आधार पर पडघा पुलिस ने दोनों के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

पति से विवाद सुलझाने के नाम पर बुलाने का आरोप

पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक, महिला का अपने पति के साथ विवाद चल रहा था। इसी विवाद को सुलझाने में मदद करने के नाम पर नरेंद्र पवार ने उसे अपने कल्याण स्थित ऑफिस बुलाया। महिला का आरोप है कि इसके बाद पवार और शैलेश पाटिल उसे भिवंडी तालुका के बापगांव स्थित एक निजी प्रॉपर्टी पर ले गए।

महिला ने आरोप लगाया कि वहां शैलेश पाटिल ने हथियार दिखाकर उसे धमकाया और जबरन शराब पिलाई। इसके बाद पवार ने उसके साथ कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया। शिकायत के अनुसार, पवार रात करीब 2 बजे वहां से चले गए, जिसके बाद शैलेश पाटिल ने भी महिला का यौन शोषण किया। बाद में पाटिल की प्रॉपर्टी के केयरटेकर ने सुबह करीब 4 बजे महिला को उसके घर पहुंचाया।

महिला ने मोबाइल में रिकॉर्ड किया वीडियो

शिकायत के मुताबिक, महिला ने खुद को खतरे में महसूस करने के बाद अपने मोबाइल फोन से कुछ वीडियो और अन्य सामग्री रिकॉर्ड की। बाद में उसने यह सामग्री कांग्रेस की कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका की पार्षद कंचन कुलकर्णी को दिखाई।

महिला ने 16 सितंबर को कुलकर्णी से संपर्क किया था। इसके बाद पार्षद उसे पडघा पुलिस स्टेशन लेकर पहुंचीं। पुलिस ने शिकायत की जांच के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की।

किन धाराओं में दर्ज हुआ केस?

पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ गैंगरेप, आपराधिक धमकी और हथियार के इस्तेमाल से जुड़े प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले सबूतों के आधार पर की जाएगी।

कांग्रेस पार्षद कंचन कुलकर्णी ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। उन्होंने दावा किया कि शैलेश पाटिल के खिलाफ पहले भी आपराधिक मामले दर्ज रहे हैं। पुलिस ने इन पुराने मामलों के संबंध में अभी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।

नरेंद्र पवार ने आरोपों को बताया झूठा

FIR दर्ज होने के बाद नरेंद्र पवार ने आरोपों को झूठा और राजनीतिक साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। पवार ने मामले के बाद बीजेपी में अपने संगठनात्मक पदों से इस्तीफा देने की भी घोषणा की।

पवार 2014 में कल्याण पश्चिम विधानसभा सीट से बीजेपी के टिकट पर विधायक चुने गए थे। 2019 में बीजेपी और शिवसेना के गठबंधन के दौरान यह सीट शिवसेना के हिस्से में गई थी। इसके बाद पवार ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए थे। बाद में उन्होंने बीजेपी में वापसी की और संगठन में जिम्मेदारियां संभालीं।

पुलिस जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर

फिलहाल इस मामले में पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर FIR दर्ज की है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। नरेंद्र पवार ने भी आरोपों से इनकार किया है। ऐसे में मामले में आगे की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

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