राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत इन दिनों देशभर में व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में, उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में आमजनों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। यहां ‘परवाह’ (Parwah) थीम के अंतर्गत एक विशाल जागरूकता रैली निकाली गई, जिसमें छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
उप संभागीय परिवहन अधिकारी और यातायात पुलिस की देखरेख में आयोजित इस रैली को एनसीसी कैडेट्स और स्कूली छात्र-छात्राओं को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। छात्र-छात्राओं ने पूरी तरह से अनुशासित ढंग से रैली में भाग लिया और नागरिकों तक सड़क सुरक्षा के संदेश पहुंचाए।
इस जागरूकता रैली का मुख्य फोकस सुरक्षित यात्रा की आदतों को बढ़ावा देना था। छात्रों के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि हेलमेट पहनना, सीट बेल्ट लगाना और गति सीमा का पालन करना कितना आवश्यक है। आयोजनकर्ताओं ने जोर देते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा केवल नियमों का एक सेट नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी भी है।
यातायात पुलिस की आम जनता से अपील
सड़क दुर्घटनाओं को न्यूनतम स्तर पर लाने के लिए उप संभागीय परिवहन अधिकारी व यातायात पुलिस ने आमजनों से कुछ महत्वपूर्ण अपीलें की हैं:
1. तेज रफ्तार में वाहन चलाने से बचें।
2. शराब या किसी भी नशीले पदार्थ का सेवन करके वाहन न चलाएं।
3. ड्राइविंग करते समय मोबाइल फोन का उपयोग कतई न करें।
इन नियमों का सख्ती से पालन करके ही सड़क पर सुरक्षित माहौल बनाया जा सकता है और अनमोल जीवन को बचाया जा सकता है।
फतेहपुर में यह जागरूकता अभियान सुरक्षित सड़क संस्कृति स्थापित करने की दिशा में एक मजबूत कदम है, जिससे आने वाले समय में सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों में निश्चित तौर पर कमी आएगी।









