नई दिल्ली: दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद गैंगस्टर संदीप उर्फ काला जठेड़ी रविवार को कुछ घंटों की कस्टडी पैरोल पर जेल से बाहर आया। उसे हरियाणा के सोनीपत स्थित अपने पैतृक गांव जठेड़ी में अपनी जुड़वां बेटियों के नामकरण और पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बाहर आने की अनुमति मिली थी। पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच उसे गांव ले जाया गया और कार्यक्रम पूरा होने के बाद वापस तिहाड़ जेल ले जाया गया।
ढोल-नगाड़ों के साथ हुआ स्वागत
काला जठेड़ी के गांव पहुंचते ही परिवार और वहां मौजूद लोगों ने ढोल-नगाड़ों के साथ उसका स्वागत किया। पुलिस वाहन से बाहर निकलने के बाद उसने वहां मौजूद लोगों की तरफ हाथ भी हिलाया। इसके बाद कड़ी सुरक्षा के बीच उसे घर के अंदर ले जाया गया।
कार्यक्रम को देखते हुए गांव में दिल्ली और हरियाणा पुलिस की बड़ी संख्या में तैनाती की गई थी। घर के आसपास सुरक्षा का घेरा बनाया गया था और आने-जाने वाले लोगों की जांच की जा रही थी।
तीन महीने पहले हुआ था जुड़वां बेटियों का जन्म
काला जठेड़ी की पत्नी अनुराधा चौधरी ने करीब तीन महीने पहले जुड़वां बेटियों को जन्म दिया था। परिवार ने बेटियों के लिए नामकरण और धार्मिक रस्मों का आयोजन किया था।
रिपोर्टों के मुताबिक, परिवार की ओर से हवन और अन्य पारंपरिक रस्मों की भी तैयारी की गई थी। हालांकि, कस्टडी पैरोल की शर्तों के बारे में अलग-अलग रिपोर्टों में अंतर है। कुछ रिपोर्टों में बताया गया है कि उसे केवल पत्नी और बेटियों से मिलने की अनुमति थी और औपचारिक नामकरण समारोह में शामिल होने की अनुमति नहीं थी।
पहले भी पैरोल पर जेल से बाहर आ चुका है
काला जठेड़ी को इससे पहले भी पारिवारिक मौकों के लिए कस्टडी पैरोल मिल चुकी है। जुलाई में उसे गुरुग्राम के एक अस्पताल में पत्नी और नवजात बेटियों से मिलने के लिए कुछ घंटों की पैरोल दी गई थी। इससे पहले मार्च 2024 में अपनी शादी के लिए भी उसे कस्टडी पैरोल मिली थी। उसकी शादी अनुराधा चौधरी से हुई थी।
काला जठेड़ी पर दर्ज हैं कई गंभीर मामले
काला जठेड़ी के खिलाफ दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड और मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक उसके खिलाफ 30 से ज्यादा गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, रंगदारी और अन्य आरोप शामिल हैं। उसे 2021 में उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया था।
पैरोल की अवधि पूरी होने के बाद दिल्ली पुलिस उसे वापस तिहाड़ जेल ले गई।