पिछले हफ्ते सोने और चांदी के बाजार में बड़ा उलटफेर देखने को मिला। 10 फरवरी से 17 फरवरी के बीच कीमती धातुओं के दामों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिसने निवेशकों को बड़ा झटका दिया है। खासकर चांदी की कीमतों में दर्ज हुई भारी कमी ने बाजार में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।
चांदी में आई सबसे बड़ी गिरावट
बीते हफ्ते में चांदी की कीमतों में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई है। 10 फरवरी को जहां चांदी 3 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर पर थी, वहीं 17 फरवरी तक यह गिरकर 2 लाख 67 हजार 900 रुपये प्रति किलो पर आ गई। इस तरह सिर्फ सात दिनों के भीतर, चांदी की कीमत में लगभग 32 हजार 100 रुपये प्रति किलो की बड़ी कमी आई। यह गिरावट उन लोगों के लिए चिंता का विषय है, जिन्होंने उच्च दामों पर भारी निवेश किया था।
सोने में भी दर्ज हुई नरमी
चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी नरमी बनी रही। 24 कैरेट सोने का दाम 10 फरवरी को 1 लाख 57 हजार 910 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो 17 फरवरी को घटकर 1 लाख 56 हजार 430 रुपये रह गया। यानी, एक हफ्ते में सोने की कीमत में लगभग 1 हजार 480 रुपये की गिरावट दर्ज की गई। यह डेटा दिखाता है कि भले ही दैनिक उतार-चढ़ाव छोटे दिखें (जैसे 100 या 500 रुपये), लेकिन जब यह ट्रेंड लगातार बना रहता है तो एक हफ्ते के भीतर हजारों रुपये का नुकसान हो सकता है।
गिरावट के मुख्य कारण और विशेषज्ञ सलाह
बाजार में इस कमजोरी के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारक जिम्मेदार हैं। इनमें अंतरराष्ट्रीय बाजार की अस्थिरता, डॉलर की मजबूती, और वैश्विक आर्थिक हालात शामिल हैं, जिनके कारण कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा है। मौजूदा स्थिति निवेशकों को सतर्क करती है। विशेषज्ञों की सलाह है कि बाजार की दिशा, पुराने आंकड़ों और भविष्य की संभावनाओं को समझे बिना जल्दबाजी में खरीद-बिक्री करने से बचना चाहिए।
सोना और चांदी दोनों के दामों में आई यह भारी गिरावट बाजार के ट्रेंड को समझने की आवश्यकता पर जोर देती है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार और ब्याज दरों की चाल पर निवेशकों को अपनी नज़र बनाए रखनी होगी।









