नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन सोमवार को देश के कई हिस्सों में देखने को मिला। कांग्रेस ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) को लेकर सवाल उठाते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना समेत कई राज्यों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।
आगरा में ज्ञानेश कुमार के घर के बाहर प्रदर्शन
उत्तर प्रदेश के आगरा में कांग्रेस कार्यकर्ता ज्ञानेश कुमार के आवास के बाहर पहुंचे और उनके खिलाफ नारेबाजी की। रिपोर्टों के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने घर के मुख्य गेट और दीवार पर स्प्रे पेंट से आपत्तिजनक नारे भी लिखे। घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। इसी दौरान कांग्रेस की ओर से ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई गई। पार्टी नेताओं का आरोप है कि SIR की प्रक्रिया में मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जा रहे हैं। ये कांग्रेस के आरोप हैं, जबकि चुनाव आयोग ने SIR प्रक्रिया और उस पर उठाए गए सवालों के संबंध में अपना पक्ष रखा है।
दिल्ली समेत कई राज्यों में प्रदर्शन
कांग्रेस और उससे जुड़े संगठनों ने दिल्ली सहित कई राज्यों में प्रदर्शन किए। भारतीय युवा कांग्रेस की ओर से भी चुनाव आयोग के खिलाफ मार्च और प्रदर्शन किया गया। अन्य राज्यों में प्रदर्शनकारियों ने CEC के इस्तीफे और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग उठाई। जयपुर, पटना, श्रीनगर और नई दिल्ली में भी विरोध प्रदर्शन की रिपोर्ट सामने आई है। कुछ जगहों पर पुलिस ने बैरिकेडिंग की और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पानी की बौछार का इस्तेमाल किया।
कांग्रेस ने SIR को लेकर क्या आरोप लगाए?
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि SIR की प्रक्रिया के जरिए मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जा रहे हैं। पार्टी ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और उसकी कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग के फैसलों से विपक्षी दलों के मतदाताओं पर असर पड़ सकता है। हालांकि, इन आरोपों को कांग्रेस के दावों के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। चुनाव आयोग ने SIR को लेकर अपने निर्णयों और प्रक्रिया पर स्पष्टीकरण दिया है।
खरगे ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी CEC के इस्तीफे की मांग दोहराई। एबीपी की रिपोर्ट के मुताबिक, खरगे ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार को चुनाव आयोग के प्रमुख पद पर रहते हुए बीजेपी की विचारधारा को बढ़ावा नहीं देना चाहिए। ये खरगे के राजनीतिक आरोप हैं। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी ज्ञानेश कुमार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित करने की साजिश बताया। इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रियाएं अलग रही हैं।
बीजेपी ने कांग्रेस के प्रदर्शन पर क्या कहा?
केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता जेपी नड्डा ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल संवैधानिक संस्थाओं को लेकर भ्रम पैदा कर रहे हैं और राजनीतिक अस्थिरता का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। नड्डा ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग की ओर से विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया जा चुका है और बार-बार आरोप लगाने से वे सही साबित नहीं हो जाते। उनका बयान कांग्रेस के आरोपों के जवाब में आया है।
चुनाव आयोग को लेकर विवाद की वजह क्या है?
ज्ञानेश कुमार को लेकर विवाद की एक प्रमुख वजह SIR प्रक्रिया है। इसके अलावा एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले करीब 10 महीनों में कई मामलों पर आपत्तियां दर्ज की थीं। कांग्रेस और विपक्षी दलों ने इस रिपोर्ट को चुनाव आयोग की आंतरिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने के लिए इस्तेमाल किया है। चुनाव आयोग ने 26 सितंबर को CEC ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्तों की बैठक की तस्वीर जारी की थी। आयोग ने SIR से जुड़े कई मुद्दों पर स्पष्टीकरण भी दिया और प्रक्रिया में कुछ बदलावों की जानकारी दी।
30 सितंबर को विपक्ष की बड़ी बैठक
CEC को लेकर विपक्षी दलों की गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 21 विपक्षी दलों के नेता 30 सितंबर को दिल्ली में बैठक कर आगे की रणनीति पर चर्चा कर सकते हैं। वहीं कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक 29 सितंबर को प्रस्तावित है, जिसमें CEC और SIR से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होनी है। विपक्षी दलों की ओर से SIR पर रोक, CEC को हटाने और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव जैसे मुद्दे उठाए जा रहे हैं। इन मांगों पर आगे की राजनीतिक और कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।