BJP ने बनाया उम्मीदवार केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को बीजेपी ने मध्य प्रदेश से राज्यसभा उपचुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित किया है. इसके साथ ही उनके मंत्री पद को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगता नजर आ रहा है. पुरी का मौजूदा राज्यसभा कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है. इससे पहले 28 अक्टूबर को बीजेपी ने उन्हें एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई सीट से उम्मीदवार बनाने का ऐलान किया. हरदीप पुरी फिलहाल उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सांसद हैं. मध्य प्रदेश की खाली सीट से उनकी उम्मीदवारी को पार्टी के अहम फैसले के तौर पर देखा जा रहा है.
यूपी में टिकट नहीं मिलने के बाद उठे थे सवाल
हाल ही में बीजेपी ने उत्तर प्रदेश की राज्यसभा सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा की थी. इस सूची में हरदीप पुरी का नाम शामिल नहीं था. इसके बाद उनके राजनीतिक भविष्य और केंद्रीय मंत्रिमंडल में उनकी भूमिका को लेकर अटकलें लगने लगी थीं. अब मध्य प्रदेश से उम्मीदवार बनाए जाने के बाद इन चर्चाओं को नया मोड़ मिला है. उनके मंत्री पद को लेकर अंतिम स्थिति संबंधित आधिकारिक फैसलों से ही स्पष्ट होगी।.
12 नवंबर को होना है राज्यसभा उपचुनाव
चुनाव आयोग की ओर से मध्य प्रदेश की खाली राज्यसभा सीट के लिए 12 नवंबर को मतदान निर्धारित किए जाने की जानकारी दी गई थी. यह सीट एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी. हरदीप पुरी की उम्मीदवारी ऐसे समय में सामने आई है, जब उनके मौजूदा कार्यकाल की समाप्ति नजदीक है. चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस सीट पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी.
2014 में बीजेपी में शामिल हुए थे हरदीप पुरी
हरदीप सिंह पुरी पूर्व भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी रहे हैं. वह जनवरी 2014 में बीजेपी में शामिल हुए थे. वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें अमृतसर से उम्मीदवार बनाया था, लेकिन उन्हें कांग्रेस के गुरजीत सिंह औजला के हाथों हार का सामना करना पड़ा. इसके बाद पुरी राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय रहे और केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं. वह 2021 से पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हैं. इससे पहले वह आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं.
तेल संकट के बीच ऊर्जा सुरक्षा पर जोर
हरदीप पुरी की उम्मीदवारी ऐसे समय में सामने आई है, जब वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता और ईरान-अमेरिका तनाव के कारण तेल आपूर्ति को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए विभिन्न देशों से कच्चे तेल की खरीद करता है. रूस से तेल खरीद पर चर्चा के बीच पुरी ने कहा था कि भारतीय रिफाइनरियां उन आपूर्तिकर्ताओं से कच्चा तेल खरीदेंगी, जो सबसे बेहतर कीमत देंगे. उन्होंने ऊर्जा सुरक्षा को देश की प्राथमिकता बताया. पुरी के कहा “मैंने कभी कोई दबाव महसूस नहीं किया है.” रूस से भारत की तेल खरीद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय रही है. यूक्रेन युद्ध के बाद पश्चिमी देशों ने रूस की ऊर्जा से होने वाली कमाई पर अंकुश लगाने के प्रयास किए हैं. ऐसे माहौल में भारत की तेल खरीद नीति और ऊर्जा सुरक्षा सरकार के लिए महत्वपूर्ण मुद्दे बने हुए हैं.


