Loading...
  • ... अपडेट हो रहा है
  • ... अपडेट हो रहा है
  • ... अपडेट हो रहा है
24K Gold
Loading...
Silver (1kg)
Loading...
24K Gold
Loading...
ताज़ा ख़बरें
Loading updates...

हरियाणा : सैनी सरकार ने पेयजल आपूर्ति प्रदान करने के लिए मजबूत ढांचा तैयार किया, उठाए ये बड़े कदम

Haryana News : हरियाणा सरकार ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पर्याप्त एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने हेतु व्यापक स्तर पर बुनियादी ढांचा विकसित कर रही है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग पूरे राज्य में 1870 नहर-आधारित जलघर, 12,920 नलकूप, 9 रैनीवेल और 4140 बूस्टिंग स्टेशनों के माध्यम से जलापूर्ति सुनिश्चित कर रहा है।

कच्चे पानी की उपलब्धता में चुनौती

सिरसा जिले में पेयजल आपूर्ति मुख्य रूप से बीईएमएल (BEML) भाखड़ा मेन लाइन पर निर्भर है, जो वर्ष भर कच्चे पानी का प्रमुख स्रोत है। यद्यपि, विगत कुछ वर्षों में नहर प्रणालियों में कच्चे पानी की उपलब्धता में कमी दर्ज की गई है। बढ़ती जनसंख्या, बदलती आवश्यकताएं और जलवायु परिवर्तन इस गिरावट के प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।

टैंकरों के माध्यम से आपूर्ति

ग्रीष्म ऋतु और अन्य असाधारण परिस्थितियों में, नागरिकों को जल संकट का सामना न करना पड़े, इसके लिए टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति की व्यवस्था की जाती है। ‘जल जीवन मिशन’ के अंतर्गत हरियाणा ने 6 अप्रैल 2022 तक प्रदेश के सभी 30,41,000 ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन उपलब्ध कराकर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है।

प्रति व्यक्ति जलापूर्ति की दर

सिरसा लोक सेवा क्षेत्र के लगभग सभी गांवों में वर्तमान में 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन की दर से जलापूर्ति की जा रही है। केवल दो गांवों, दहमन और खारा खेड़ी में जलापूर्ति की मात्रा 40 से बढ़ाकर 55 लीटर प्रतिदिन करने का कार्य प्रगति पर है, जिसे 31 मार्च 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

शहरी क्षेत्रों में सुचारू व्यवस्था

शहरी क्षेत्रों में पानी की कोई कमी नहीं है। सिरसा क्षेत्र में विभाग 456 नहर-आधारित जलघर, 886 नलकूप और 297 बूस्टर स्टेशनों के माध्यम से नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करा रहा है।