Loading...
  • ... अपडेट हो रहा है
  • ... अपडेट हो रहा है
  • ... अपडेट हो रहा है
24K Gold
Loading...
Silver (1kg)
Loading...
24K Gold
Loading...
ताज़ा ख़बरें
Loading updates...

ईरान में गहराया युद्ध का खतरा: भारत की सख्त चेतावनी और अमेरिका की बड़ी सैन्य तैयारी

ईरान में गहराया युद्ध का खतरा

ईरान में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच, भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए एक बेहद गंभीर एडवाइज़री जारी की है। भारत सरकार ने सभी भारतीय नागरिकों से तुरंत ईरान छोड़ने की अपील की है, चाहे वे छात्र हों, व्यवसायी हों, या किसी भी काम से वहां मौजूद हों। सरकार की इस सख्त चेतावनी ने ईरान की मौजूदा स्थिति पर वैश्विक चिंता को और बढ़ा दिया है।

भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि ईरान में मौजूद सभी भारतीय नागरिक, चाहे वे पढ़ाई कर रहे हों, नौकरी कर रहे हों, व्यापार कर रहे हों या तीर्थ यात्रा पर हों, तुरंत उपलब्ध साधनों से देश छोड़ दें। कमर्शियल फ्लाइट्स या किसी सुरक्षित पड़ोसी देश तक पहुंचने का रास्ता अपनाएं। सरकार ने लोगों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में भारतीय दूतावास से सीधे संपर्क किया जा सके। आमतौर पर सरकारें सतर्क रहने की सलाह देती हैं, लेकिन सीधे तौर पर ‘तुरंत निकल जाइए’ कहना दर्शाता है कि हालात किसी भी वक्त बेहद गंभीर हो सकते हैं और सरकार इसे लेकर बेहद चिंतित है। ईरान में दस हज़ार से अधिक भारतीय नागरिक रहते हैं, और उनके लिए यह एक बड़ा और अचानक लिया गया फैसला है।

दूसरी ओर, अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य उपस्थिति काफी बढ़ा दी है। अमेरिकी वायुसेना का करीब पचास प्रतिशत हिस्सा इस इलाके में तैनात है, जिसमें F-35 और F-16 जैसे आधुनिक फाइटर जेट्स, AWACS विमान और दो बड़े एयरक्राफ्ट कैरियर (USS अब्राहम लिंकन और USS गेराल्ड आर फोर्ड) शामिल हैं। परशियन गल्फ में कई युद्धपोत भी तैनात किए गए हैं। इसके अलावा, अमेरिका ने अपने सैन्य ठिकानों पर थाड और पेट्रियट जैसे एयर डिफेंस सिस्टम भी लगाए हैं, ताकि किसी भी संभावित ईरानी मिसाइल हमले का जवाब दिया जा सके। सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका जिस तरह से अपनी सप्लाई लाइन और लॉजिस्टिक्स को मजबूत कर रहा है, वह एक बड़े एक्शन की तैयारी का संकेत है, संभवतः एक हवाई युद्ध की। अमेरिकी राष्ट्रपति के विशेष दूत ने भी ईरान से परमाणु कार्यक्रम पर पीछे हटने का दबाव बनाया है।

हालांकि, ईरान का रुख भी उतना ही सख्त है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ कहा है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर किसी भी तरह की रोक-टोक बर्दाश्त नहीं करेगा और किसी भी अमेरिकी हमले को सीधा युद्ध मानेगा। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनई द्वारा अपने तीन संभावित उत्तराधिकारियों का चयन करना और सेना को भी यही निर्देश देना दर्शाता है कि ईरान भी इस स्थिति को बेहद गंभीर मान रहा है और हर स्थिति के लिए तैयार है।

ईरान के अंदर भी राजधानी तेहरान समेत कई शहरों में छात्रों द्वारा सरकार विरोधी प्रदर्शन किए जा रहे हैं, जिन्हें सख्ती से दबाया जा रहा है। सैन्य तैयारियों के मामले में, ईरान रूस से उन्नत मिसाइलें खरीदने की डील कर चुका है, लेकिन उनकी डिलीवरी में समय लगेगा, जिसका मतलब है कि उसे फिलहाल अपने मौजूदा हथियारों पर निर्भर रहना होगा। इस संभावित टकराव को लेकर पूरी दुनिया चिंतित है। भारत के अलावा स्वीडन, सर्बिया, पोलैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसे कई देशों ने अपने नागरिकों को ईरान छोड़ने की सलाह दी है, जबकि यूरोपीय संघ ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और बातचीत से समाधान निकालने की अपील की है, ताकि तेल आपूर्ति और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों से बचा जा सके।

यह देखना होगा कि क्या कूटनीति सफल होती है या हालात किसी बड़े सैन्य टकराव का रूप लेते हैं, जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा। फिलहाल, भारत सरकार की चेतावनी सभी भारतीयों के लिए सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण संदेश है, जिस पर तुरंत ध्यान देना आवश्यक है।

संबंधित खबरें