IRCTC होटल टेंडर से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने गुरुवार को लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव समेत 9 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया मामले में पद के दुरुपयोग और कथित तौर पर अपराध से अर्जित आय से जुड़े लेनदेन को लेकर पर्याप्त आधार माना है।
यह मामला लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री रहने के दौरान IRCTC के रांची और पुरी स्थित होटलों के संचालन के लिए दिए गए टेंडर से जुड़ा है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच की है।
लालू, राबड़ी और तेजस्वी समेत इन पर आरोप तय
कोर्ट के आदेश के मुताबिक लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के अलावा LARA Projects, पीसी गुप्ता, सरला गुप्ता, सुजाता होटल्स, विजय कोचर और विनय कोचर के खिलाफ भी आरोप तय किए गए हैं। वहीं, मामले में कुछ अन्य आरोपियों को अदालत ने राहत दी है। कोर्ट ने सभी संबंधित आरोपियों को अगली कार्यवाही के लिए 3 अक्टूबर को पेश होने का निर्देश दिया है।
क्या है IRCTC होटल टेंडर मामला?
यह मामला उस अवधि से जुड़ा है जब लालू प्रसाद यादव केंद्र में रेल मंत्री थे। जांच एजेंसियों का आरोप है कि रेलवे के अधीन आने वाले IRCTC के रांची और पुरी स्थित होटलों के संचालन का टेंडर देने में कथित अनियमितताएं की गईं। आरोप है कि टेंडर से जुड़े लाभ के बदले पटना में जमीन का एक हिस्सा कथित तौर पर बेहद कम कीमत पर ट्रांसफर किया गया। जांच एजेंसी के मुताबिक, जमीन के लेनदेन और टेंडर प्रक्रिया के बीच संबंध की जांच मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से की गई।
कोर्ट ने पद के दुरुपयोग पर क्या कहा?
अदालत ने माना कि लालू प्रसाद यादव के खिलाफ प्रथम दृष्टया इस बात का संदेह मौजूद है कि रेल मंत्री रहते हुए उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग किया। कोर्ट के अनुसार, जांच को केवल राजनीतिक रूप से प्रेरित कार्रवाई नहीं माना जा सकता। अदालत ने यह भी कहा कि पटना में ट्रांसफर की गई जमीन कथित अपराध से अर्जित आय का हिस्सा हो सकती है। कोर्ट की टिप्पणियों में राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के पास इस जमीन के होने को लेकर भी गंभीर संदेह का उल्लेख किया गया है।
जमीन के लेनदेन का क्या है कनेक्शन?
जांच एजेंसी के आरोपों के मुताबिक, रांची और पुरी के IRCTC होटलों के टेंडर से जुड़े लोगों ने पटना में जमीन का एक प्लॉट लालू प्रसाद यादव की करीबी सहयोगी सरला गुप्ता को ट्रांसफर किया। बाद में यह संपत्ति कथित तौर पर बेहद कम कीमत पर राबड़ी देवी से जुड़े लेनदेन में पहुंची। ED का आरोप है कि इन संपत्ति लेनदेन के जरिए कथित तौर पर अपराध की आय को छिपाने या उसका इस्तेमाल करने की कोशिश की गई।
CBI के केस में पहले ही तय हो चुके हैं आरोप
IRCTC मामले में यह पहली बार नहीं है जब लालू परिवार के खिलाफ आरोप तय हुए हैं। इससे पहले इसी मामले से जुड़े CBI केस में भी लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए जा चुके हैं। अब ED के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में भी आरोप तय होने से लालू परिवार की कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। हालांकि, आरोप तय होना दोष सिद्ध होना नहीं है। मामले में आगे सुनवाई और ट्रायल की प्रक्रिया जारी रहेगी।