उत्तर प्रदेश के कानपुर में पुलिस ने हाल ही में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराष्ट्रीय सट्टेबाजी, हवाला और अवैध शेयर ट्रेडिंग रैकेट का भंडाफोड़ किया है। खुफिया सूचना के आधार पर की गई इस छापेमारी में पुलिस ने भारी मात्रा में नकदी और चांदी जब्त की है, जिसकी गिनती के लिए नोट गिनने की मशीन बुलानी पड़ी। इस रैकेट में शामिल होने के आरोप में पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है।
कानपुर पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) और स्थानीय टीम ने कलेक्टरगंज के धनकुट्टी इलाके में देर रात छापा मारा। रमाकांत गुप्ता के आवास पर की गई इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने निम्नलिखित चीजें बरामद की हैं:
लगभग 2 करोड़ रुपये नकद, 62 किलोग्राम चांदी के बिस्किट, नेपाली मुद्रा सहित विदेशी करेंसी, कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल और अन्य डिजिटल उपकरण। पुलिस को जब्त नकदी की गिनती करने में भारी मशक्कत करनी पड़ी, जिसके चलते उन्हें मौके पर ही नोट गिनने की मशीन मंगानी पड़ी। बरामद नकदी और चांदी की कुल कीमत भी लगभग 2 करोड़ रुपये आंकी गई है।
पुलिस ने मौके से पांच लोगों को हिरासत में लिया है, जिनकी पहचान रमाकांत गुप्ता (मकान मालिक), राहुल जैन, शिवम त्रिपाठी, सचिन गुप्ता और वंशराज के रूप में हुई है। पुलिस इन सभी से सघन पूछताछ कर रही है।
जांच के दौरान कानपुर पुलिस ने बताया कि आरोपितों का रैकेट मुख्य रूप से क्रिकेट सट्टेबाजी, हवाला लेन-देनों और अवैध शेयर व्यापार के मामलों से जुड़ा हुआ था। शुरुआती जांच में यह भी पता चला है कि इस गिरोह के तार अंतरराष्ट्रीय सट्टा कारोबारियों से जुड़े हो सकते हैं, जिसमें आगरा के एक बुकी का नाम भी सामने आया है। पुलिस अब इन आरोपितों से रैकेट के अन्य सदस्यों और इसके संचालन के विस्तृत तरीकों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
कानपुर पुलिस इस पूरे अवैध नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए आगे की कानूनी प्रक्रिया तेजी से पूरी कर रही है और यह जानने की कोशिश कर रही है कि यह अवैध नेटवर्क देश और विदेशों में कितना बड़ा फैला हुआ है।









