महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर शिव की नगरी काशी पूरी तरह भक्तिमय माहौल में डूबने के लिए तैयार है। बाबा विश्वनाथ के भक्तों के लिए श्री काशी विश्वनाथ धाम में भव्य तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। इस बार दर्शनार्थियों की रिकॉर्ड भीड़ की संभावना को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने पूजा-अर्चना और दर्शन व्यवस्था में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। जानिए महाशिवरात्रि पर बाबा के दर्शन का नया शेड्यूल और प्रशासन की अपील।
महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने आरती और दर्शन के समय में विशेष परिवर्तन किए हैं:
महाशिवरात्रि के दिन मंगला आरती का समय परिवर्तित किया गया है। अब मंगला आरती प्रातः 2:00 बजे से प्रारंभ होकर लगभग 3:00 बजे तक संपन्न होगी। इस पावन अवसर पर इस साल से ‘चार पहर की आरती’ की परंपरा का भी शुभारंभ किया जाएगा। मंदिर न्यास के अनुसार, महाशिवरात्रि के अगले दिन भोग आरती दोपहर 11:30 बजे से 12:30 बजे के बीच संपन्न कराई जाएगी। इसके उपरांत, शयन आरती के पश्चात मंदिर के पट बंद कर दिए जाएंगे।
इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या को लेकर प्रशासन विशेष रूप से सतर्क है। काशी विश्वनाथ न्यास का अनुमान है कि भक्तों की संख्या इतनी अधिक हो सकती है कि ‘महाकुंभ जैसे हालात’ बनने की प्रबल संभावना है। इसे देखते हुए सभी आवश्यक सुरक्षा प्रोटोकॉल और व्यवस्थाएं पूरी तरह लागू कर दी गई हैं।
काशी विश्वनाथ न्यास ने देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं से विशेष अपील करते हुए कहा है कि दर्शन के लिए लाइन में लगने पर 8 से 10 घंटे तक का लंबा समय लग सकता है। इसलिए, न्यास ने भक्तों से अनुरोध किया है कि वे घर से कुछ खा-पीकर ही दर्शन हेतु निकलें, ताकि लंबी प्रतीक्षा के दौरान किसी प्रकार की शारीरिक असुविधा न हो।
काशी में महाशिवरात्रि का यह पर्व आस्था, भक्ति और श्रद्धा का एक अद्भुत महासंगम प्रस्तुत करने जा रहा है, जिसके लिए लाखों शिव भक्त बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद लेने पहुंचेंगे।









