प्रदेश सरकार फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए विशेष अभियान चला रही है। इसी क्रम में कौशांबी जिले में भी फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम को लेकर व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 10 तारीख को जिले के सभी विद्यालयों और स्वास्थ्य केंद्रों पर 1 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को फाइलेरिया से बचाव की खुराक पिलाई जाएगी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कौशांबी, संजय कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अभियान की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस महत्वपूर्ण कार्य को सफलतापूर्वक अंजाम देने के लिए जिले में कुल 323 टीमों को सक्रिय किया गया है। साथ ही, इन टीमों के कार्यों की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए 65 सुपरवाइजर भी नियुक्त किए गए हैं।
संजय कुमार ने बताया कि यह कार्यक्रम एमडीए योजना के तहत चलाया जा रहा है। यह योजना देश के 12 जिलों और उत्तर प्रदेश के 45 जिलों में सक्रिय है। कौशांबी में, सरसवां चायल ब्लॉक में जून 2025 में कराए गए नाइट ब्लड सर्वे में माइक्रो फाइलेरिया की दर 1% से अधिक पाई गई थी, जिसके कारण यहां इस कार्यक्रम को सघनता से चलाया जा रहा है।
अभियान की तैयारी को लेकर जिला अधिकारी कौशांबी और मुख्य विकास अधिकारी की मौजूदगी में टास्क फोर्स की बैठकें हो चुकी हैं। इसमें निर्णय लिया गया है कि 1 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को अल्बेंडाजोल (Albendazole) के साथ सात अन्य आवश्यक दवाइयों की खुराक दी जाएगी ताकि फाइलेरिया का समूल उन्मूलन किया जा सके।
फाइलेरिया मुक्त समाज बनाने के लिए यह सरकारी पहल बेहद महत्वपूर्ण है। जिले के सभी नागरिकों से अपील है कि वे इस अभियान में सहयोग करें और निर्धारित तिथि 10 तारीख को अपने नजदीकी केंद्र पर जाकर दवा की खुराक अवश्य लें।









