दिल्ली के किराड़ी विधानसभा क्षेत्र के शर्मा इंक्लेव में जलभराव की समस्या को लेकर उठे विवादों पर जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने विपक्ष को करारा जवाब दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे जलभराव के वीडियो पर सफाई देते हुए वर्मा ने एक लंबी प्रेस कॉन्फ्रेंस की और मौजूदा स्थिति के लिए पिछली सरकारों की 11 साल की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने न सिर्फ समस्या की जड़ बताई, बल्कि किराड़ी की जनता को स्थायी समाधान की सटीक समयसीमा भी दी है।
जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने विपक्ष को जवाब देते हुए कहा कि किराड़ी में जलभराव की समस्या अचानक पैदा नहीं हुई है, बल्कि यह पिछली सरकार की निष्क्रियता का नतीजा है। वर्मा ने बताया कि यह पूरा इलाका (जहां 10 लाख से ज्यादा लोग रहते हैं) लो-लेवल पर है, लेकिन 2014 के बाद जब अनियोजित तरीके से कॉलोनियां बसती चली गईं, तो सीवर, ड्रेनेज या पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं की गई।
प्रवेश वर्मा ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 2020 तक पूरे किराड़ी विधानसभा क्षेत्र में एक भी सीवर लाइन नहीं डाली गई थी। उन्होंने कहा कि इसी लापरवाही के चलते 2022 के बाद जलभराव की समस्या तेजी से बढ़ने लगी, क्योंकि सीवर का पानी कहां जाएगा, इसका कोई प्लान नहीं बनाया गया था।
जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने मौजूदा सरकार की तैयारियों पर अपडेट देते हुए बताया कि अब किराड़ी और आसपास की 114 कॉलोनियों में सीवर लाइन डालने का काम तेजी से चल रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि विभिन्न कारणों से हुई देरी के बावजूद, सरकार अब इस काम को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कर रही है।
प्रवेश वर्मा ने भरोसा दिलाया कि साल 2026 तक इन सभी 114 कॉलोनियों में सीवर लाइन डालने का काम पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “जून 2026 तक किराड़ी विधानसभा की सड़कों पर पानी नजर नहीं आएगा और जलभराव की समस्या से स्थायी राहत मिलेगी।”
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने विपक्ष पर गंभीर आरोप भी लगाए। उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी के कुछ विधायक अनाधिकृत कॉलोनियों में बेहद सस्ती दरों पर जमीनें खरीद लेते थे और फिर उसी इलाके का रेट बढ़ाने के लिए करोड़ों रुपये के महंगे टेंडर पास कराए जाते थे। कीमतें बढ़ने के बाद वही जमीन बेचकर ये नेता मुनाफा कमाते थे, जिससे आज इन इलाकों में अव्यवस्था देखने को मिल रही है।
प्रवेश वर्मा ने अंत में किराड़ी की जनता से भरोसा बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि मौजूदा सरकार समस्याओं से भागने वाली नहीं है, और पिछली 10 साल में हुई गलतियों को सुधारने में समय जरूर लगेगा, लेकिन सरकार जलभराव की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।









