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लीबिया में बड़ा राजनीतिक झटका: गद्दाफी के बेटे सैफ अल-इस्लाम की हत्या, क्या फिर भड़केगी गृहयुद्ध की आग?

लीबिया में बड़ा राजनीतिक झटका

लीबिया की राजनीति से इस वक्त की सबसे सनसनीखेज खबर सामने आई है। तानाशाह मुअम्मर गद्दाफी के बेटे और कभी लीबिया के भावी राष्ट्रपति माने जाने वाले सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी की हाल ही में हत्या कर दी गई है। जिंटान शहर में नकाबपोश बंदूकधारियों द्वारा किए गए इस हमले ने एक बार फिर लीबिया के भविष्य और सत्ता संघर्ष पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या सैफ अल-इस्लाम की मौत पुरानी दुश्मनी का नतीजा है या फिर सत्ता की राह साफ करने की एक सोची-समझी साजिश?

गद्दाफी के बेटे सैफ अल-इस्लाम का जीवन लंदन की चमक-दमक से लेकर रेगिस्तान की धूल और जेल की सलाखों तक का रहा है। उनकी हत्या एक ऐसे समय में हुई है जब लीबिया में राजनीतिक स्थिरता लाने की कोशिशें चल रही हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार, 3 फरवरी 2026 की रात (घटना की कथित तिथि), जब पूरा जिंटान शहर सो रहा था, तभी चार नकाबपोश हमलावर सैफ अल-इस्लाम के सुरक्षित ठिकाने में दाखिल हुए। हमलावरों ने सबसे पहले सीसीटीवी कैमरों को तोड़ा और फिर अंधाधुंध फायरिंग कर सैफ को मौत के घाट उतार दिया। सैफ अल-इस्लाम के वकील खालिद अल-जायदी ने बाद में इस मौत की पुष्टि की। सवाल यह है कि आखिर उस शख्स को क्यों मारा गया, जो 2011 के बाद से ही नजरों से दूर रहकर राजनीतिक वापसी की कोशिश कर रहा था?

सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी शासन के दौरान ‘सुधारक चेहरा’ माने जाते थे, जिन्होंने पश्चिम के साथ संबंध सुधारे। लेकिन 2011 के विद्रोह के बाद उनकी छवि एक कट्टर विरोधी की बन गई थी। हालांकि, उनकी हत्या का असली कारण 2011 का विद्रोह नहीं, बल्कि हालिया लीबियाई राजनीति मानी जा रही है।

राष्ट्रपति चुनाव में रोड़ा:- 2021 में सैफ ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए पर्चा भरकर लीबिया की सियासत को हिला दिया था। मिलिशिया गुटों और मौजूदा राजनीतिक धड़ों को डर था कि अगर गद्दाफी का बेटा सत्ता में आता है, तो उनके प्रभाव पर रोक लग जाएगी।

‘गद्दाफी युग’ की वापसी का डर:- जानकारों का मानना है कि सैफ की उपस्थिति ‘गद्दाफी युग’ की वापसी का आखिरी सपना थी। उनकी हत्या चुनाव की राह साफ करने और उन राजनीतिक राज़ों को दफन करने की कोशिश हो सकती है, जो सैफ के सीने में दबे थे।

अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया और बढ़ती अराजकता

फिलहाल लीबिया के अटॉर्नी जनरल ने इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। संयुक्त राष्ट्र (UN) और यूरोपीय संघ (EU) ने भी इस घटना पर तत्काल जवाब मांगा है। सैफ की मौत ने गद्दाफी समर्थकों में भारी उबाल पैदा कर दिया है, जिससे लीबिया में एक बार फिर अराजकता और गृहयुद्ध की आशंका गहरा गई है।

सैफ अल-इस्लाम की हत्या ने लीबिया में वर्षों से जारी सत्ता संघर्ष और अस्थिरता की एक और खूनी कड़ी जोड़ दी है, जिसका तत्काल प्रभाव देश की शांति प्रक्रिया पर देखने को मिल सकता है।