हिंदू धर्म में हर पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है, लेकिन साल भर में आने वाली सभी पूर्णिमा में माघ मास की पूर्णिमा (Magh Purnima) का स्थान सर्वोच्च माना गया है। यह वह पवित्र दिन है जब प्रयागराज के त्रिवेणी संगम पर पौष पूर्णिमा से शुरू हुआ कल्पवास पूरा होता है। इस दिन संगम में आस्था की डुबकी लगाने मात्र से पूरे माघ महीने का पुण्य मिलता है। आइए जानते हैं माघी पूर्णिमा का धार्मिक महत्व और वे सरल उपाय जिनसे आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं।
माघ मेले के पांचवें और अंतिम प्रमुख स्नान के रूप में माघ पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व है। हिंदू मान्यता के अनुसार, यदि कोई साधक पूरे माघ मास में पुण्यदायिनी मां गंगा, मां यमुना और सरस्वती के संगम तट पर जाकर स्नान न कर पाया हो, तो वह इसकी अंतिम तिथि यानी माघी पूर्णिमा पर आस्था और विश्वास के साथ संगम में सिर्फ तीन डुबकी लगाकर भी पूरे माघ मास का पुण्यफल प्राप्त कर सकता है। यह तिथि सभी कष्टों को दूर करने वाली और मनोकामनाएं पूरी करने वाली मानी गई है।
माघी पूर्णिमा के दिन कुछ विशेष उपाय करने से सुख-सौभाग्य में वृद्धि होती है और आर्थिक कष्ट दूर होते हैं।
माघ पूर्णिमा का पुण्यफल पाने के लिए साधक को इस दिन विधि-विधान से व्रत रखते हुए शुभ मुहूर्त में भगवान श्री सत्यनारायण की पूजा करनी चाहिए। भगवान सत्यनारायण का आशीर्वाद पाने के लिए उनकी कथा सुनें या कहें। इसके बाद हवन एवं आरती करके अपनी कामना श्रीहरि के सामने मन में कहें। मान्यता है कि भगवान सत्यनारायण की पूजा से साधक के सुख और सौभाग्य में जबरदस्त वृद्धि होती है।
यदि आपको लगता है कि आपका भाग्य आपसे रूठा हुआ है या आप आर्थिक दिक्कतों से गुजर रहे हैं, तो उसे मनाने के लिए माघ पूर्णिमा वाले दिन तुलसी जी की विशेष पूजा करें। स्नान करने के बाद तुलसी के पौधे पर लाल रंग का कलावा (मौली) बांधें और शुद्ध देशी घी का दीया जलाकर उनकी परिक्रमा करें। हिंदू मान्यता के अनुसार, यह उपाय करने से व्यक्ति की आर्थिक दिक्कतें दूर होती हैं और उसे सुख-समृद्धि प्राप्त होती है।
माघ पूर्णिमा का यह पावन अवसर जीवन में धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग खोलता है। इन सरल उपायों को अपनाकर आप भी भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं और जीवन को खुशहाल बना सकते हैं।









