उत्तर प्रदेश के जनपद मैनपुरी में दूषित पानी की सप्लाई के गंभीर आरोपों से घिरी ‘हिमालय इंडस्ट्रीज’ ने आखिरकार इस विवाद पर चुप्पी तोड़ दी है। उद्योगपति और कंपनी के मालिक हिमालय गुप्ता ने हाल ही में एक प्रेस वार्ता आयोजित कर अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने इन आरोपों को निराधार, भ्रामक और छवि खराब करने की साजिश बताया है, जिसके बाद इस पूरे मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है।
प्रेस वार्ता के दौरान, उद्योगपति हिमालय गुप्ता ने साफ तौर पर कहा कि उनकी इंडस्ट्री सरकार द्वारा निर्धारित गुणवत्ता के सभी मानकों का कड़ाई से पालन करती है। उन्होंने मीडिया के समक्ष अपनी इंडस्ट्री से जुड़े सभी वैध लाइसेंस, आवश्यक अनुमति पत्र और सबसे हालिया लैब रिपोर्ट भी प्रस्तुत कीं।
हिमालय गुप्ता ने दावा किया कि प्लांट से सप्लाई किया जा रहा पानी पूरी तरह से सुरक्षित और शुद्ध है। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि कुछ निहित स्वार्थी लोग जानबूझकर गलत सूचनाएं फैलाकर उनके प्रतिष्ठित ब्रांड की छवि को खराब करने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “हमारी इंडस्ट्री कई नामी-गिरामी और प्रतिष्ठित ब्रांड्स को पानी सप्लाई करती है। कुछ आधारहीन खबरों के चलते हमारे उत्पाद को दूषित बताया जा रहा है, जो पूरी तरह गलत है। हमारे पास सभी आवश्यक मानक और अनुमतियां मौजूद हैं और गुणवत्ता में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं है।”
इस बीच, संबंधित विभाग की ओर से भी यह बात सामने आई है कि पानी के सैंपल की जांच समय-समय पर की जाती रही है। हालांकि, प्रशासन इस संवेदनशील मामले पर लगातार निगरानी बनाए हुए है।
उद्योगपति के इस स्पष्टीकरण के बाद अब सबकी निगाहें जांच की अंतिम रिपोर्ट और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं, जिसके बाद ही इस पूरे विवाद की तस्वीर साफ हो पाएगी।









