नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 139वें एपिसोड में दिवाली और छठ पूजा का उल्लेख करते हुए देशवासियों से त्योहारों के दौरान स्वच्छता बनाए रखने की अपील की. उन्होंने स्थानीय कारीगरों के उत्पाद खरीदने, स्वदेशी सामान को प्राथमिकता देने और भारतीय उत्पादों की पैकेजिंग बेहतर बनाने पर भी जोर दिया. इस दौरान पीएम मोदी ने बिहार के मखाने, कर्नाटक की अरहर दाल और महाराष्ट्र के आदिवासी समुदायों के उत्पादों का उदाहरण दिया.
दिवाली-छठ से पहले साफ-सफाई पर PM मोदी का संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि त्योहारों के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों में साफ-सफाई के अभियान चलाए जा रहे हैं. उन्होंने लोगों से अपने घरों के साथ-साथ आसपास के वातावरण को भी स्वच्छ रखने की अपील की.
पीएम मोदी ने कहा,
“कुछ ही दिन बाद दिवाली और छठ का पावन पर्व आने वाला है. इसके लिए जगह-जगह साफ-सफाई का अभियान चलाया जा रहा है. यह जरूरी है कि हम जहां रहते हैं, वहां की स्वच्छता का ध्यान रखें. हमारे छोटे-छोटे प्रयास ही हमारे आसपास बड़ा बदलाव ला सकते हैं.”
उन्होंने समाज की सामूहिक भागीदारी को बदलाव का अहम आधार बताते हुए कहा कि लोगों के छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े परिणाम ला सकते हैं.
‘वोकल फॉर लोकल’ पर जोर, भारतीय उत्पादों की बढ़ रही पहुंच
मन की बात के दौरान प्रधानमंत्री ने त्योहारों में खरीदारी करते समय स्थानीय कारीगरों और स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील की. उन्होंने कहा कि ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना से भारतीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचने में मदद मिल रही है.
पीएम मोदी ने कहा,
“अब लोग खरीदारी करते समय स्वदेशी उत्पादों को बहुत महत्व देने लगे हैं. ‘वोकल फॉर लोकल’ की यह भावना अब हमारे उत्पादों को दुनिया के बाजार तक पहुंचा रही है.”
प्रधानमंत्री ने इसके उदाहरण देते हुए बताया कि बिहार के पूर्णिया का मखाना ग्रीस पहुंच रहा है, जबकि कर्नाटक के कलबुर्गी की अरहर दाल मालदीव के बाजार तक जा रही है. उन्होंने कहा कि इससे भारतीय किसानों के लिए नए बाजार खुल रहे हैं.
उत्पादों की गुणवत्ता के साथ पैकेजिंग भी जरूरी
पीएम मोदी ने स्थानीय उत्पादों की चर्चा करते हुए उनकी पैकेजिंग के महत्व पर भी ध्यान दिलाया. उन्होंने कहा कि किसी उत्पाद की गुणवत्ता जितनी अहम है, उतनी ही महत्वपूर्ण उसकी पैकेजिंग भी होती है. उनके मुताबिक, आकर्षक और बेहतर पैकेजिंग ग्राहकों का ध्यान खींचती है और उन्हें उत्पाद के बारे में जानने के लिए प्रेरित करती है. इसी वजह से स्थानीय उत्पादों के साथ-साथ उनकी पैकेजिंग पर भी ध्यान दिया जा रहा है.
महाराष्ट्र के आदिवासी उत्पादों की पैकेजिंग को जापान में सम्मान
प्रधानमंत्री ने महाराष्ट्र के आदिवासी समुदायों के प्रयासों का जिक्र करते हुए बताया कि ‘शबरी नेचुरल्स’ के माध्यम से शहद, महुआ, चिरौंजी और बांस से बने उत्पाद बाजार में लाए जा रहे हैं. इन उत्पादों की पैकेजिंग में आदिवासी कला की झलक दिखाई देती है. पीएम मोदी ने बताया कि इस पैकेजिंग को जापान का प्रतिष्ठित ‘गुड डिजाइन अवॉर्ड’ मिला है। उन्होंने इसे स्थानीय हुनर और रचनात्मकता का उदाहरण बताया. प्रधानमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि कर्नाटक का एक स्टार्टअप बांस और खेती से निकलने वाले अवशेषों की मदद से पैकेजिंग सामग्री तैयार कर रहा है. इससे स्थानीय संसाधनों के नए इस्तेमाल और नवाचार को बढ़ावा मिल रहा है.
त्योहारों में स्थानीय कारीगरों को प्राथमिकता देने की अपील
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने लोगों से त्योहारों की खरीदारी में स्थानीय कारीगरों के बनाए सामान को प्राथमिकता देने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने से कारीगरों, छोटे उद्यमियों और किसानों को अपने उत्पादों के लिए व्यापक बाजार मिल सकता है.‘मन की बात’ के इस एपिसोड में स्वच्छता, स्वदेशी उत्पाद, स्थानीय उद्यम और बेहतर पैकेजिंग जैसे विषयों के जरिए प्रधानमंत्री ने त्योहारों को स्थानीय हुनर और भारतीय उत्पादों से जोड़ने का संदेश दिया