मथुरा में एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां बीते 18 जनवरी से लापता 60 वर्षीय बुजुर्ग रणवीर सिंह की गुमशुदगी अब हत्या में बदल गई है। कई दिनों तक पुलिस की निष्क्रियता से नाराज परिजनों ने थाने में जमकर हंगामा किया, जिसके बाद मामले की जांच ने नया मोड़ लिया। पुलिस ने अब एक आरोपी को हिरासत में लिया है जिसने पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा किया है।
रणवीर सिंह (60), जो महावन क्षेत्र के नगला लोका के निवासी थे, पिछले 40 वर्षों से थाना जमुनापार क्षेत्र स्थित उमा वाटिका में नौकरी करते थे। 18 जनवरी से लापता होने के बाद जब पुलिस कोई सुराग नहीं लगा पाई, तो परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने जमुनापार थाने में जमकर विरोध प्रदर्शन किया। परिजनों ने शुरू से ही आरोप लगाया कि पुलिस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही थी, जिसके चलते मामला हत्या तक पहुंच गया।
परिजनों ने उमा वाटिका के संचालक और उसके बेटे सोनू पर रणवीर सिंह की हत्या का गंभीर आरोप लगाया था। परिजनों का कहना है कि उनकी हत्या कर साक्ष्य मिटाने की कोशिश की गई है।
मामले में बड़ा मोड़ तब आया जब पुलिस ने आरोपी सोनू को हिरासत में लिया। पुलिस पूछताछ के दौरान सोनू ने खुलासा किया कि उसने रणवीर सिंह की हत्या कर दी थी। हत्या के बाद आरोपी ने शव को एक कट्टे में बंद किया और सबूत मिटाने के इरादे से उसे यमुना नदी में फेंक दिया। इस खुलासे के बाद पुलिस तुरंत हरकत में आई है और आरोपी की निशानदेही पर गोताखोरों की मदद से यमुना नदी में शव की तलाश तेज कर दी गई है। फिलहाल इलाके में भारी तनाव का माहौल है, और परिजन दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग पर अड़े हुए हैं।
पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा करते हुए दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।









