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24 घंटे में सुलझी मथुरा व्यापारी हत्याकांड की गुत्थी: ऑनलाइन सट्टे के कर्जदार भतीजे ने ही की थी हत्या

मथुरा में ऑनलाइन सट्टेबाजी के कर्ज के कारण फूफा की हत्या करने वाले भतीजे की गिरफ्तारी और बरामद सोना-चांदी।

उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में एक व्यवसायी की निर्मम हत्या और लूट की घटना ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया था। लेकिन पुलिस और स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई ने 24 घंटे के भीतर ही इस सनसनीखेज वारदात का सफल खुलासा कर दिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वाला कोई बाहरी नहीं, बल्कि मृतक का सगा रिश्तेदार ही निकला।

5 जनवरी को मथुरा के गोविंद नगर क्षेत्र में तेलीपाड़ा निवासी व्यवसायी सतीश चंद्र गर्ग की उनके घर के अंदर हत्या कर दी गई थी। आरोपी हत्या के बाद सोने-चांदी के आभूषण, नकदी और मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गया था। इस गंभीर मामले को देखते हुए, एसएसपी मथुरा ने तत्काल छह अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरों की गहन जांच की और संदिग्धों की भूमिका पर ध्यान केंद्रित किया।

जांच के दौरान, पुलिस ने लाला उर्फ रितेश अग्रवाल को गिरफ्तार किया। पूछताछ में रितेश ने कबूल किया कि मृतक सतीश चंद्र गर्ग उसके फूफा थे। आरोपी ऑनलाइन सट्टेबाजी का आदी था और लगातार हार के चलते वह करीब 35 लाख रुपये के भारी कर्ज में डूब चुका था। कर्ज चुकाने और जल्द पैसा हासिल करने के लालच में उसने अपने ही रिश्तेदार की हत्या की खौफनाक साजिश रची।

रितेश ने पुलिस को बताया कि उसने घटना से एक दिन पहले सुआनुमा हथियार खरीदा था। स्कूटी से फूफा के घर पहुंचकर उसने बातचीत के दौरान मौका पाकर कनपटी पर सुआ से वार कर हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने घर से सोना, चांदी और नकदी लूट ली। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लगभग 45 किलो चांदी, 19 ग्राम से अधिक सोना, 18 हजार रुपये नकद, घटना में प्रयुक्त स्कूटी और आलाकत्ल बरामद किया है। बरामद संपत्ति की कुल कीमत लगभग 1 करोड़ 25 लाख रुपये आंकी गई है।

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। यह दुखद घटना दर्शाती है कि जुए की लत और कर्ज किस हद तक इंसान को जघन्य अपराध करने पर मजबूर कर सकती है।

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