Loading...
  • ... अपडेट हो रहा है
  • ... अपडेट हो रहा है
  • ... अपडेट हो रहा है
24K Gold
Loading...
Silver (1kg)
Loading...
24K Gold
Loading...
ताज़ा ख़बरें
Loading updates...

मौनी अमावस्या 2026: जानें स्नान-दान का महत्व, तिथि और पितरों को प्रसन्न करने के 10 सरल उपाय

मौनी अमावस्या 2026

माघ महीने की अमावस्या तिथि को ‘मौनी अमावस्या’ के नाम से जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह तिथि रविवार को पड़ने पर इसका महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है। मौनी अमावस्या के दिन मौन रहकर पूजा-पाठ करने और पवित्र नदियों में स्नान करने का विशेष विधान है। माना जाता है कि इस दिन किए गए दान-पुण्य और तर्पण से पितर (पूर्वज) अत्यंत प्रसन्न होते हैं और अपने कुटुंब को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं। आइए जानते हैं इस महापुण्यकारी दिवस पर कौन से कार्य अवश्य करने चाहिए।

माघ अमावस्या पर पुण्य कमाने के लिए महत्वपूर्ण अनुष्ठान:

1. पवित्र स्नान और तर्पण का महत्व

मौनी अमावस्या के दिन पितरों के लिए श्राद्ध और तर्पण (पितृ कार्य) करना सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। पूर्वजों की आत्मा की तृप्ति और शांति के लिए इस दिन गंगा, यमुना, नर्मदा, या शिप्रा जैसी पवित्र नदियों में डुबकी लगाना चाहिए। अगर तीर्थस्थलों पर जाना संभव न हो, तो घर पर ही स्नान के पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाकर स्नान किया जा सकता है। ऐसा करने से भी नदी स्नान के समान ही पुण्य प्राप्त होता है।

2. दान-पुण्य और मौन व्रत

स्नान के बाद जरूरतमंदों को दान-पुण्य अवश्य करें। इस दिन जूते-चप्पल, कपड़े, कंबल, ऊनी वस्त्र, अनाज, भोजन, स्वर्ण और चांदी जैसी चीजों का दान करना महापुण्यकारी माना गया है। इस तिथि का मुख्य विधान ‘मौन’ धारण करना है। यदि पूरे दिन मौन रहना संभव न हो, तो कम से कम पूजा-पाठ और ध्यान करते समय मौन रहें। मौन रहने से मन शांत होता है और नकारात्मक विचार दूर होते हैं, जिससे पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है।

3. सूर्य देव, पीपल और गृह शुद्धि

सूर्योदय से पहले बिस्तर छोड़ दें और स्नान के बाद तांबे के लोटे में जल भरें। उसमें कुमकुम, लाल फूल, और चावल डालकर ‘ऊँ सूर्याय नम:’ मंत्र का जप करते हुए सूर्य देव को अर्घ्य दें।

इस दिन पीपल के पेड़ की पूजा का विशेष महत्व है। पीपल के पेड़ को जल चढ़ाएं और ‘ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करते हुए 108 बार परिक्रमा करें। पीपल की पूजा से शनिदेव भी प्रसन्न होते हैं।

पूजा से पहले पूरे घर में साफ-सफाई करें और गंगाजल या गौमूत्र का छिड़काव करें। घर के मुख्य द्वार पर रंगोली बनाना शुभ फलदायक माना जाता है।

4. विशेष देवों का अभिषेक

मौनी अमावस्या पर महालक्ष्मी और भगवान विष्णु का विशेष अभिषेक करें। अभिषेक के दौरान ‘ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जप करना चाहिए। घर में स्थापित बाल गोपाल का भी अभिषेक करें और उन्हें माखन-मिश्री के साथ तुलसी पत्र अर्पित करें। इस दौरान ‘कृं कृष्णाय नम:’ मंत्र का जाप करना फलदायी होता है। आप किसी मंदिर में पूजन सामग्री जैसे कुमकुम, घी-तेल, हार-फूल, मिठाई और चुनरी जैसी चीजें भी दान कर सकते हैं।

मौनी अमावस्या का यह पवित्र दिन धर्म, पुण्य और पितरों के आशीर्वाद को प्राप्त करने का एक सर्वोत्तम अवसर है। सच्चे मन और श्रद्धा से किए गए ये सरल उपाय आपके घर-परिवार में सुख, शांति और समृद्धि का वास सुनिश्चित करते हैं।

संबंधित खबरें