नमक और चीनी में भी मिला माइक्रोप्लास्टिक, सेहत के लिए बढ़ रहा है बड़ा खतरा

हाल ही में सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, हमारे दैनिक उपयोग की चीजों जैसे नमक और चीनी में भी माइक्रोप्लास्टिक पाया गया है, जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर संकट मंडराने लगा है।

हमारी रसोई में इस्तेमाल होने वाले नमक और चीनी जैसी बुनियादी चीजों में अब माइक्रोप्लास्टिक की मौजूदगी पाई गई है। वैज्ञानिक और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की कई रिपोर्ट्स में यह खुलासा हुआ है कि हम रोजमर्रा के खाने के जरिए अनजाने में शरीर के भीतर प्लास्टिक के सूक्ष्म कण पहुंचा रहे हैं।

समुद्री जल और प्रदूषण के बढ़ते स्तर के कारण नमक के स्रोतों में ये कण मिल रहे हैं। वहीं, चीनी के उत्पादन और पैकेजिंग के दौरान भी माइक्रोप्लास्टिक इसके संपर्क में आ जाता है। इन अदृश्य प्लास्टिक कणों का हमारे शरीर में पहुंचना दीर्घकालिक रूप से बेहद नुकसानदायक साबित हो सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि माइक्रोप्लास्टिक के लगातार सेवन से मानव शरीर के अंगों पर बुरा असर पड़ सकता है और कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए अब यह सवाल खड़ा हो गया है कि पर्यावरण और खाद्य सुरक्षा को लेकर देश में क्या कड़े कदम उठाए जाएंगे।

संबंधित खबरें

झील का नजारा देखने के लिए पड़ोसियों ने काट डाले पेड़, प्रशासन ने लगाया 24 लाख रुपये का जुर्माना

Bigg Boss 20 फ्लॉप क्यों हो गया? सुस्त कंटेस्टेंट्स और बेमतलब के झगड़े बने वजह

IND vs AFG 3rd T20: सीरीज पर क्लीन स्वीप करने उतरेगी टीम इंडिया, प्लेइंग इलेवन को लेकर सस्पेंस बरकरार

SC ने बार-बार PIL दाखिल करने पर लगाई फटकार, कहा- याचिकाओं का अंबार न लगाएं

EPFO पर सरकार का बड़ा फैसला, ₹15,000 से बढ़कर ₹25,000 हुई वेतन सीमा

Recommended Stories

झील का नजारा देखने के लिए पड़ोसियों ने काट डाले पेड़, प्रशासन ने लगाया 24 लाख रुपये का जुर्माना

Bigg Boss 20 फ्लॉप क्यों हो गया? सुस्त कंटेस्टेंट्स और बेमतलब के झगड़े बने वजह

IND vs AFG 3rd T20: सीरीज पर क्लीन स्वीप करने उतरेगी टीम इंडिया, प्लेइंग इलेवन को लेकर सस्पेंस बरकरार

SC ने बार-बार PIL दाखिल करने पर लगाई फटकार, कहा- याचिकाओं का अंबार न लगाएं

EPFO पर सरकार का बड़ा फैसला, ₹15,000 से बढ़कर ₹25,000 हुई वेतन सीमा