देश की राजनीति में इन दिनों मनरेगा (MNREGA) योजना को प्रभावित करने वाले एक नए कानून को लेकर बड़ा विवाद छिड़ गया है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा ‘मनरेगा बचाओ मोर्चा’ कार्यक्रम में दिए गए एक बयान ने सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू कर दिया है। राहुल गांधी ने मंच से नए कानून VB-G RAM G के नाम को लेकर जो मजाकिया लहजा अपनाया, उस पर अब केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कड़ा पलटवार किया है।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने यह राजनीतिक विवाद बीते गुरुवार को ‘मनरेगा बचाओ मोर्चा’ के कार्यक्रम के दौरान अपने भाषण से शुरू किया। उन्होंने मंच से बोलते हुए सरकार के नए कानून ‘VB-G RAM G’ का नाम ठीक से न जानने की बात कही। जब भीड़ की तरफ से उन्हें ‘जी राम जी’ कहा गया, तो राहुल गांधी ने मजाकिया लहजे में कहा कि “जी ग्राम जी… पता नहीं क्या।”
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी की सरकार मनरेगा योजना को धीरे-धीरे कमजोर करना चाहती है, जबकि यह योजना गरीबों को सम्मान के साथ काम देने और पंचायतों को मजबूत करने के लिए लाई गई थी। उन्होंने कहा कि अगर देश के गरीब और मजदूर एकजुट हो जाएं, तो सरकार को पीछे हटना पड़ेगा, ठीक वैसे ही जैसे किसान आंदोलन के दौरान हुआ था। राहुल के बयान के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी सरकार को घेरा और कहा कि वह संसद के इस सत्र में मनरेगा को लेकर मजबूती से आवाज उठाएंगे, क्योंकि कांग्रेस का मानना है कि ‘VB-G RAM G’ कानून मनरेगा को कमजोर कर रहा है और इसी के विरोध में देशव्यापी ‘मनरेगा बचाओ अभियान’ चलाया जा रहा है।
इस मामले में सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता को गुमराह कर रही है। शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि नया कानून रोजगार के अधिकार को कमजोर नहीं, बल्कि मजबूत करेगा। उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर गलत जानकारी फैलाकर राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस तरह के दुष्प्रचार से कांग्रेस को फायदा नहीं, बल्कि नुकसान होगा।
मनरेगा और ‘VB-G RAM G’ कानून को लेकर यह राजनीतिक तनातनी अब संसद के आगामी सत्र में मुख्य मुद्दा बनने वाली है, जहां विपक्ष सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में है और यह देखना होगा कि सरकार इस मुद्दे पर अपनी रणनीति कैसे पेश करती है।









