मुंबई में रविवार, 4 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने संयुक्त विरोध मार्च निकाला. यह प्रदर्शन चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर उठाए जा रहे सवालों के बीच आयोजित किया गया. दोनों नेताओं ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है. इस मार्च को कांग्रेस, NCP (SP) और अन्य विपक्षी दलों की ओर से समर्थन दिए जाने की बात सामने आई है. आयोजकों का कहना है कि यह मुद्दा किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित नहीं है, बल्कि चुनाव प्रक्रिया और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े सवालों को लेकर है. मार्च में पार्टी के झंडों के बजाय तिरंगा लेकर शामिल होने की अपील की गई थी.
मेट्रो सिनेमा से BMC मुख्यालय तक मार्च
रविवार को निकाला गया ‘विराट गर्जना मोर्चा’ मेट्रो सिनेमा से शुरू होकर दक्षिण मुंबई में BMC मुख्यालय की ओर बढ़ा. सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने पूरे रूट पर व्यापक इंतजाम किए.
संजय राउत ने क्या कहा?
शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने प्रदर्शन को चुनाव प्रक्रिया, लोकतांत्रिक संस्थाओं और नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को उठाने वाला आंदोलन बताया. उन्होंने चुनाव आयोग के कामकाज पर आरोप लगाते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की. हालांकि, राउत द्वारा लगाए गए आरोप राजनीतिक दावे हैं और चुनाव आयोग ने इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया है.
बीजेपी ने कांग्रेस पर साधा निशाना
दूसरी ओर, बीजेपी ने कांग्रेस के चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर पलटवार किया. बीजेपी नेता सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के चुनाव का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस ने उस समय निर्वाचक मंडल की सूची उपलब्ध नहीं कराई थी. उन्होंने इसी आधार पर कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव की वैधता पर सवाल उठाया.
CJP भी कर चुका है प्रदर्शन
इससे पहले 2 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मुंबई के शिवाजी पार्क में CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR पर रोक की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था. संगठन की ओर से आगे भी विरोध प्रदर्शन जारी रखने की घोषणा की गई है. इस तरह मुंबई में चुनाव आयोग और SIR को लेकर विरोध का मुद्दा लगातार राजनीतिक बहस का हिस्सा बना हुआ है। वहीं चुनाव आयोग की ओर से SIR प्रक्रिया और अपने निर्णयों को लेकर अलग रुख सामने रखा गया है.