Fake Currency Case : नकली नोट मामले में गिरफ्तार पाकिस्तानी नागरिक रणसिंह को 10 साल के कारावास की सजा सुनाई गई है। रणसिंह को मई 2019 में राजस्थान के मुन्नाबाव स्थित भूमि सीमा शुल्क स्टेशन पर गिरफ्तार किया गया था। 94 हजार रुपये मूल्य के नकली नोटों के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत ने दोषी पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जानकारी के मुताबकि, उसके सहयोगी एक अन्य पाकिस्तानी नागरिक की पहचान कुनपजी के रूप में हुई है, जो अभी भी फरार है। रणसिंह को मुन्नाबाव (बाड़मेर) रेलवे स्टेशन पर दो हजार रुपये के 47 नकली नोटों के साथ हिरासत में लिया था। एनआईए ने नवंबर 2019 में दोनों के खिलाफ चार्जशीट पेश की थी।
नकली नोटों के साथ हिरासत में
पुलिस के अनुसार, रणसिंह थार एक्सप्रेस से पाकिस्तान से भारत आया था। वह कथित तौर पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए नकली नोटों की तस्करी कर रहा था। रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा जांच के दौरान उसके सामान में छिपाए गए नकली नोटों का पता चला और उसे हिरासत में ले लिया गया।
एनआईए फरार कुनपजी की तलाश में
अधिकारियों के अनुसार, “रणसिंह पाकिस्तान के सिंध प्रांत के मीठी का रहने वाला है।” एनआईए अब फरार कुनपजी की तलाश कर रही है। जयपुर की विशेष अदालत ने उसे आईपीसी की धारा 489-बी और 489-सी तथा गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की धारा 16 के तहत दोषी ठहराया। प्रत्येक अपराध के लिए उसे 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
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