Nepal Flood Update: नेपाल में भीषण बाढ़ से मची तबाही के बीच अब पड़ोसी चीन से भूकंप के झटकों की खबर सामने आई है। शुक्रवार, 28 अगस्त को दक्षिण-पश्चिम चीन के सिचुआन प्रांत में 5.1 तीव्रता का भूकंप आया। इसी बीच तिब्बत की ओर बांध टूटने की सूचना के बाद नेपाल के त्रिशूली और आसपास के इलाकों में एक बार फिर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटी हैं।
चीन के सिचुआन में 5.1 तीव्रता का भूकंप
चीन के सिचुआन प्रांत में शुक्रवार दोपहर करीब 1 बजकर 13 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। चीन अर्थक्वेक नेटवर्क्स सेंटर के मुताबिक भूकंप की तीव्रता 5.1 दर्ज की गई।
भूकंप का केंद्र दक्षिण-पश्चिम चीन के सिचुआन प्रांत के लोंगचांग शहर में बताया गया है। इसकी गहराई जमीन के करीब 13 किलोमीटर नीचे थी।
भूकंप के बाद इलाके में लोगों के बीच चिंता बढ़ गई। हालांकि, फिलहाल बड़े नुकसान को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
नेपाल में फिर बाढ़ का खतरा
चीन में भूकंप के झटकों के बीच नेपाल में पहले से जारी बाढ़ संकट और गंभीर हो गया है। नेपाल पुलिस के मुताबिक, तिब्बत की ओर एक बांध टूटने की सूचना मिली है। इसके बाद त्रिशूली और आसपास के इलाकों में पानी का स्तर बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है।
नेपाल पुलिस ने लोगों को नदी और जलस्रोतों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी है। साथ ही खतरा बढ़ने की स्थिति में तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया है।
प्रशासन की टीमें लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं और प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम शुरू कर दिया गया है।
सेना और हेलीकॉप्टरों से चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन
नेपाल में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। नेपाल के हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में विपक्ष के नेता भीष्म राज अंगदेम्बे ने बताया कि खराब मौसम और मुश्किल भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद सेना बचाव अभियान चला रही है।
उन्होंने बताया कि दो सैन्य हेलीकॉप्टरों के अलावा निजी कंपनियों के हेलीकॉप्टर भी राहत और बचाव कार्य में लगाए गए हैं। केंद्र, प्रदेश और स्थानीय सरकारें मिलकर राहत अभियान को आगे बढ़ा रही हैं।
सुरक्षा एजेंसियां लगातार लोगों से खतरे वाले इलाकों से दूर रहने की अपील कर रही हैं।
त्रिशूली-रसुवा सड़क निर्माण भी रोका गया
बाढ़ के खतरे को देखते हुए त्रिशूली से रसुवा की ओर बन रही सड़क का निर्माण कार्य फिलहाल रोक दिया गया है। सड़क निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सभी JCB मशीनों को वापस बुला लिया गया है।
रेस्क्यू टीम से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, रसुवा जाने वाला रास्ता कई जगहों पर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। जगह-जगह मलबा जमा है और सड़क के कुछ हिस्से टूट गए हैं।
एक JCB चालक के मुताबिक, पानी का स्तर दोबारा बढ़ रहा है, इसलिए फिलहाल निर्माण कार्य रोकना जरूरी हो गया है। अब मलबा हटाकर सड़क संपर्क बहाल करना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती है।
अचानक बढ़ा पानी, घर और दुकानें बहीं
त्रिशूली इलाके में रहने वाले लोगों ने बाढ़ की भयावह स्थिति के बारे में जानकारी दी है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, पानी अचानक तेजी से बढ़ा, जिसके बाद उन्हें अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागना पड़ा।
कई लोगों के घर, दुकानें और जरूरी सामान बाढ़ के पानी में बह गए। कुछ लोग कीचड़ में फंस गए, जबकि तेज बहाव की चपेट में आने से कई लोगों के बह जाने की भी जानकारी सामने आई है।
त्रिशूली का बाजार क्षेत्र भी बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
नेपाल में मौत का आंकड़ा 469 पहुंचा
नेपाल पुलिस के मुताबिक, भीषण बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 469 हो गई है। इस आपदा में 1,545 लोग घायल हुए हैं, जिन्हें रेस्क्यू कर इलाज के लिए भेजा गया है।
पुलिस के आंकड़ों के अनुसार:
- चितवन: 178 शव
- नवलपरासी ईस्ट: 110 शव
- गोरखा: 44 शव
- नुवाकोट: 37 शव
- धादिंग: 33 शव
- तनहुं: 28 शव
- नवलपरासी वेस्ट: 27 शव
- रसुवा: 12 शव
इन आंकड़ों के साथ नेपाल में बाढ़ की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है। कई इलाकों में अभी भी राहत और बचाव अभियान जारी है।
बाढ़ के बीच नई चुनौती ने बढ़ाई चिंता
नेपाल पहले ही भीषण बाढ़ और भूस्खलन से जूझ रहा है। अब तिब्बत की ओर बांध टूटने की सूचना और त्रिशूली नदी में संभावित जलस्तर बढ़ने ने प्रशासन की चिंता और बढ़ा दी है।
ऐसे में लोगों से अपील की जा रही है कि वे नदी के आसपास जाने से बचें, प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और खतरे की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।
फिलहाल नेपाल में राहत और बचाव अभियान जारी है और प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना और संभावित नए सैलाब से लोगों की जान बचाना है।