देश के कई हिस्सों में कड़ाके की ठंड के बीच अब मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण उत्तर भारत के 9 राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी का ‘ऑरेंज अलर्ट’ भी जारी किया है, जिसका सीधा असर मैदानी इलाकों के तापमान पर पड़ेगा।
मौसम विभाग (IMD) की ताजा जानकारी के अनुसार, पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में अगले सात दिनों के भीतर लगातार दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकते हैं। इससे 9 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों— जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश-में मौसम और बिगड़ सकता है।
प्रमुख क्षेत्रों के लिए अलर्ट और चेतावनी:
मैदानी इलाकों में बारिश और ओले:- राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी रहेगी। उत्तर प्रदेश के 15 जिलों, जबकि राजस्थान और हरियाणा के 6-6 जिलों में विशेष रूप से बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
तेज हवाएं:- बारिश के साथ कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 30 से 50 किमी/घंटा तक रह सकती है, जबकि कुछ जगहों पर यह 60 किमी/घंटा की रफ्तार तक पहुंच सकती है। कई स्थानों पर ओले गिरने की आशंका भी है।
पहाड़ी क्षेत्रों की स्थिति:- हिमाचल प्रदेश के चंबा, कुल्लू और लाहौल-स्पीति में भारी बर्फबारी के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है। वहीं, उत्तराखंड के 5 जिलों में भी बर्फबारी का अलर्ट है। इन क्षेत्रों में पारा अभी भी माइनस में चल रहा है, जिसके चलते चमोली जैसे स्थानों पर झरने जम चुके हैं।
पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मैदानी क्षेत्रों में बारिश और पहाड़ों पर बर्फबारी बढ़ेगी। इस मौसमी बदलाव के चलते दिन के तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालांकि, मौसम विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि पाला पड़ने और शीतलहर (कोल्डवेव) के हालात बन सकते हैं, जिससे सुबह और शाम की ठंडक बनी रहेगी।
मौसम में आए इस अचानक बदलाव को देखते हुए किसानों और आम जनता दोनों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। तेज़ हवाओं और ओलावृष्टि से बचाव के लिए मौसम की ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखें।









