भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस सहित विपक्षी गठबंधन इंडिया के कई दलों ने मंगलवार को संसद के मकर द्वार से निर्वाचन सदन तक मार्च निकाला। विपक्ष ने मांग की है कि SIR प्रक्रिया तुरंत बंद की जाए और ज्ञानेश कुमार मुख्य निर्वाचन आयुक्त पद से इस्तीफा दें।
मकर द्वार से शुरू हुआ मार्च
INDIA ब्लॉक के सांसद सुबह संसद परिसर के मकर द्वार पर जुटे. इसके बाद करीब 11 बजे सांसदों ने निर्वाचन सदन की ओर मार्च शुरू किया. विपक्ष का आरोप है कि SIR की प्रक्रिया और मतदाता सूची में किए जा रहे बदलावों को लेकर पारदर्शिता की कमी है. इसी मुद्दे को लेकर विपक्ष लंबे समय से चुनाव आयोग पर सवाल उठाता रहा है. विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग से SIR से जुड़े विवादों पर जवाब देने और CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है. चुनाव आयोग ने SIR को लेकर लगाए जा रहे आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि आयोग के फैसले सामूहिक रूप से लिए गए हैं.
राहुल गांधी ने की CEC से इस्तीफे की मांग
मार्च में शामिल राहुल गांधी ने एक बार फिर CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की. विपक्ष लगातार आरोप लगा रहा है कि मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया का राजनीतिक इस्तेमाल हो सकता है. हालांकि चुनाव आयोग और बीजेपी इन आरोपों को खारिज करते रहे हैं. राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में मतदाताओं का भरोसा बनाए रखने के लिए चुनाव आयोग की निष्पक्षता और पारदर्शिता जरूरी है.
मार्च को सुरक्षा बलों ने रोका
संसद से निर्वाचन सदन की ओर बढ़ रहे विपक्षी सांसदों को सुरक्षा बलों ने आगे बढ़ने से रोक दिया. रिपोर्टों के मुताबिक, मार्च को NITI Aayog के पास रोका गया, जिसके बाद कई सांसदों ने संसद मार्ग पर धरना दिया. दिल्ली पुलिस ने संसद, विजय चौक और निर्वाचन सदन के आसपास भारी सुरक्षा व्यवस्था की है. मार्च के रूट पर बैरिकेडिंग की गई है और अर्धसैनिक बलों की कई कंपनियां तैनात की गई हैं, नई दिल्ली जिले में निषेधाज्ञा भी लागू है.