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‘एक दिन हिजाब वाली बेटी बनेगी PM’: ओवैसी के बयान से महाराष्ट्र की सियासत में उबाल

सोलापुर में बोले असदुद्दीन ओवैसी

महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों के प्रचार के बीच, AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी का एक बयान राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। सोलापुर में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि एक दिन हिजाब पहनने वाली बेटी भारत की प्रधानमंत्री बनेगी। इस बयान ने न केवल उनके समर्थकों में जोश भरा है, बल्कि विरोधी खेमे में भी बेचैनी बढ़ा दी है, जिससे महाराष्ट्र की राजनीति में वैचारिक बहस तेज़ हो गई है।

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मंच से भारत के संविधान को देश की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान में यही सबसे बड़ा अंतर है। जहां पाकिस्तान का संविधान केवल एक ही समाज को शीर्ष पदों पर जाने की अनुमति देता है, वहीं भारत का संविधान हर वर्ग, हर धर्म और हर समाज को बराबरी का हक देता है। इसी संदर्भ में, ओवैसी ने भावुक होते हुए कहा, “शायद हम उस दिन को न देख पाएं, लेकिन यह निश्चित है कि वह दिन आएगा जब हिजाब पहनने वाली बेटी इस देश की प्रधानमंत्री होगी।”

अपने भाषण में ओवैसी ने सीधे तौर पर आम जनता से जुड़े मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया और केंद्र व राज्य सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि आज देश में मुसलमानों के खिलाफ नफरत का माहौल बनाया जा रहा है, लेकिन यह नफरत ज्यादा दिन नहीं टिकेगी। इसके अलावा, उन्होंने सोलापुर में बढ़ती महंगाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आज पेट्रोल 104 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है, लेकिन अगर कोई कीमत पर सवाल उठाता है तो उसे ‘बांग्लादेशी’ कह दिया जाता है। ओवैसी ने सवाल किया कि क्या महंगाई पर सवाल उठाना गुनाह हो गया है। उन्होंने सत्ताधारी दलों (बीजेपी, शिंदे गुट और अजित पवार) पर आरोप लगाया कि उनका मकसद सिर्फ महाराष्ट्र की जनता को बेवकूफ बनाकर असली मुद्दों से ध्यान भटकाना है।

ओवैसी ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र के नेता संविधान की भावना के अनुसार राजनीति नहीं कर रहे हैं, बल्कि नफरत की बुनियाद पर हुक्मरानी करना चाहते हैं। उन्होंने दावा किया कि ये नेता अल्पसंख्यकों के दोस्त नहीं हैं, बल्कि उन्हें कमजोर करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि दलितों को उनका हक नहीं दिया जा रहा है और किसानों की हालत दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है। उन्होंने किसानों की आत्महत्याओं का दुखद जिक्र करते हुए कहा कि सरकारें इन गंभीर समस्याओं से आंखें मूंदे बैठी हैं।

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सोलापुर की जनता से अपील करते हुए कहा कि वे 15 तारीख को वोट देकर इन दलों को साफ संदेश दें कि वे उनकी साजिशों का शिकार नहीं बनेंगे। उनका यह भाषण सिर्फ एक चुनावी बयान नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति में एक भावनात्मक और वैचारिक चुनौती बनकर सामने आया है।

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