नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीजेपी के नवनियुक्त राष्ट्रीय पदाधिकारियों से मिलने के लिए शनिवार को पार्टी मुख्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने पार्टी के शीर्ष पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उनके आगमन पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने फूलों का गुलदस्ता देकर प्रधानमंत्री का स्वागत किया।
संगठन और आगामी रणनीति पर चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पार्टी के शीर्ष पदाधिकारियों के साथ संगठनात्मक मुद्दों और आगामी रणनीति को लेकर बैठक कर रहे हैं। बैठक में संगठन को मजबूत करने और आने वाले समय में पार्टी की प्राथमिकताओं को लेकर चर्चा हो रही है।
Gen Z आउटरीच पर बीजेपी का फोकस
यह बैठक ऐसे समय हो रही है, जब बीजेपी ‘Gen Z Outreach Program’ के जरिए युवाओं के साथ अपना जुड़ाव बढ़ाने की तैयारी में जुटी है। इससे एक दिन पहले बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने नई राष्ट्रीय टीम की पहली परिचय बैठक की अध्यक्षता की थी। इस बैठक के साथ बीजेपी के नवनियुक्त पदाधिकारियों की नई पारी की औपचारिक शुरुआत हुई।
राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक में नितिन नवीन ने दिए निर्देश
इससे पहले बीजेपी की राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। इसमें नए पदाधिकारियों के साथ पार्टी के पुराने पदाधिकारियों को भी शामिल किया गया था। पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन ने सभी पदाधिकारियों से युवाओं के साथ ज्यादा से ज्यादा संवाद और जुड़ाव बढ़ाने पर जोर दिया।
‘नेशन फर्स्ट’ की भावना से काम करने का मंत्र
बैठक में पदाधिकारियों को ‘नेशन फर्स्ट’ की भावना के साथ काम करने का मंत्र दिया गया। साथ ही पार्टी की विचारधारा से जुड़े रहते हुए संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
सरकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाने पर जोर
बीजेपी नेतृत्व ने केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचाने पर भी फोकस किया। पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे सरकारी योजनाओं और उनके लाभों की जानकारी ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं।
आचरण और अनुशासन बनाए रखने की नसीहत
बैठक में सार्वजनिक जीवन में संयम और अनुशासन बरतने पर भी जोर दिया गया। पदाधिकारियों को अपने आचरण और व्यवहार में अनुशासन बनाए रखने की नसीहत दी गई।
विपक्ष को तथ्यों के आधार पर जवाब देने का निर्देश
इसके अलावा पार्टी पदाधिकारियों से विपक्ष के आरोपों का जवाब तथ्यों के आधार पर देने को कहा गया। राजनीतिक मुद्दों पर तथ्यात्मक, प्रभावी और संयमित तरीके से अपनी बात रखने पर भी जोर दिया गया।