प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत मंडपम में आयोजित चिन्मय अमृत महोत्सव वैश्विक सम्मेलन का उद्घाटन किया. इस अवसर पर उन्होंने चिन्मय मिशन के अमृत महोत्सव में शामिल होने पर खुशी जताते हुए कहा कि सभी के सहयोग से उन्हें इस कार्यक्रम का हिस्सा बनने का अवसर मिला है. उन्होंने इसे एक अनूठा आध्यात्मिक अनुभव बताया.
पीएम मोदी ने कहा कि यह संतों का उनके प्रति विशेष स्नेह और आशीर्वाद है. अपने संबोधन के दौरान उन्होंने युवाओं की भूमिका पर भी जोर दिया.
पीएम मोदी ने कहा, ‘चिन्मय मिशन केवल एक संस्था नहीं है, ये चिन्मय विचार है. जिसकी स्थापना एक चिन्मय ऋषि ने की थी. इतने दशकों की इसकी यात्रा भी चिन्मय संकल्पों से भरी रही है और जो चिन्मय है, वो स्वाभाविक ही अमर है, अमृतमय है. इसलिए आज भारत मंडपम में चिन्मय अमृत महोत्सव आयोजन का ये नाम भी उतना ही सार्थक है.’
PM मोदी ने युवाओं का जिक्र करते हुए कहा, ‘मैं दुनिया भर में चिन्मय मिशन से जुड़े संतों और आचार्यों को, लाखों साधकों और अनुयायियों को चिन्मय अमृत महोत्सव की बहुत बहुत बधाई देता हूं. चिन्मय मिशन के प्रयासों से आज लाखों युवा ऐसे हैं, जो भारत के सांस्कृतिक ब्रांड एम्बेसडर का काम कर रहे हैं. ये युवा भारतीय मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचा रहे हैं.’ प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि सशक्त भारत निर्माण के लिए युवाओं की भूमिका अहम है.
आगे उन्होंने कहा, ‘राष्ट्र का हित चाहने वाले हम लोग राष्ट्र को जाग्रत और उन्नत बनाएंगे. स्वामी चिन्मयानन्द जी ने अपना पूरा जीवन इसी मंत्र को लेकर जीया. वो जितनी श्रद्धा से आध्यात्मिक विषयों पर बोलते थे, उतनी ही तत्परता से वो राष्ट्र के विषयों पर भी मुखर होकर व्याख्यान देते थे, क्योंकि हमारा राष्ट्र ही हमारी संस्कृति की जन्मभूमि है. ये राष्ट्र ही हमारे अस्तित्व का आधार है.’