प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया दो दिवसीय मलेशिया दौरे ने भारत की विदेश नीति की ताकत को एक बार फिर दुनिया के सामने रखा है। कुआलालंपुर की धरती से पीएम मोदी ने बिना नाम लिए पाकिस्तान को अब तक की सबसे सख्त चेतावनी दी, जबकि दूसरी ओर मलेशिया के साथ रक्षा और सेमीकंडक्टर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में ऐतिहासिक साझेदारी को मज़बूत किया। यह दौरा ‘न्यू इंडिया’ की बढ़ती वैश्विक कूटनीतिक धमक का स्पष्ट प्रमाण है।
आतंकवाद पर भारत की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुआलालंपुर में वैश्विक मंच से आतंकवाद के खिलाफ कड़ा प्रहार करते हुए साफ कर दिया कि अब ‘डबल स्टैंडर्ड’ (दोहरे मापदंड) का वक्त खत्म हो चुका है। पीएम मोदी ने पाकिस्तान को बिना नाम लिए दो टूक संदेश दिया कि आतंकवाद पर भारत की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति में अब किसी भी प्रकार के ‘इफ और बट’ की कोई गुंजाइश नहीं है।
पीएम मोदी का यह बयान उस समय आया है, जब भारत अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता पर किसी भी खतरे को निर्णायक रूप से खत्म करने का पराक्रम दिखा चुका है। भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह सीमा पार से होने वाली किसी भी आतंकी गतिविधि का जवाब देने के लिए पूरी तरह से तैयार है। मलेशिया से आया यह संदेश भारत की नई और दृढ़ सुरक्षा नीति की झलक है।
रक्षा और तकनीक में ऐतिहासिक साझेदारी
यह दौरा सिर्फ सुरक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने भारत-मलेशिया के व्यापारिक और तकनीकी संबंधों को भी नई ऊंचाई दी है। मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने एयरपोर्ट पहुंचकर जिस तरह पीएम मोदी का स्वागत किया, उसने दोनों देशों के बीच की गहरी दोस्ती को उजागर किया।
दोनों देशों के बीच रविवार को सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल टेक्नोलॉजी, खुफिया जानकारी साझा करने और समुद्री सुरक्षा को लेकर कई बड़े समझौते हुए।
भारत और मलेशिया ने हाई-टेक उद्योगों में निवेश और विकास को बढ़ावा देने के लिए एक व्यापक साझेदारी पर सहमति व्यक्त की है। दोनों देश ‘हिंद-प्रशांत क्षेत्र’ को विकास का इंजन बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिसके तहत रक्षा सहयोग को विस्तार दिया गया है और समुद्री सुरक्षा पर खुफिया जानकारी साझा करने पर सहमति बनी है।
मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने भारत की आर्थिक प्रगति का लोहा मानते हुए स्वीकार किया कि व्यापार और निवेश के मामले में भारत आज दुनिया की एक बड़ी ताकत है।
कुल मिलाकर, पीएम मोदी का यह दौरा भारत की विदेश नीति की सफलता को दर्शाता है, जहां उन्होंने एक तरफ आतंकवाद पर बिना किसी समझौते के कड़ा रुख बनाए रखा, वहीं दूसरी तरफ मलेशिया को सेमीकंडक्टर और तकनीक के क्षेत्र में एक मजबूत साझीदार बनाकर एशिया में भारत की रणनीतिक स्थिति को और मजबूत किया।









