प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में मलेशिया का दो दिवसीय सफल दौरा पूरा किया। इस यात्रा ने दोनों देशों के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंधों को नई ऊर्जा दी है। कुआलालंपुर में हुए शानदार स्वागत और उच्च-स्तरीय बैठकों ने यह सुनिश्चित किया कि भारत और मलेशिया रणनीतिक, तकनीकी और सुरक्षा क्षेत्रों में मिलकर आगे बढ़ेंगे। इस दौरान ‘भारत-मलेशिया साथ-साथ’ का नारा गूंजा, जो दोनों देशों की एकजुटता को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मलेशियाई सरकार और वहां के लोगों को गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए दिल से धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि जिस प्यार, सम्मान और पारंपरिक अंदाज़ में उनका और उनके प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया गया, वह हमेशा याद रहेगा। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि दोनों देशों की दोस्ती केवल कागज़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि दिलों से जुड़ी हुई है, और दोनों की तरक्की एक-दूसरे से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि यह उनका तीसरा मलेशिया दौरा है और हर बार उन्हें यहां आकर अपनापन महसूस होता है।
अहम मुद्दों पर बनी सहमति:
वहीं, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने भी पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए संबंधों को और आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। दोनों नेताओं ने व्यापार, तकनीक, सुरक्षा और शिक्षा जैसे कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की और इन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। कुआलालंपुर में पीएम मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जिसके बाद दोनों देशों के मंत्रियों और अधिकारियों के साथ अहम बैठकें हुईं। इन चर्चाओं में स्टार्टअप, रक्षा सहयोग और नई तकनीक को प्रमुखता दी गई।
प्रवासी भारतीय बने मजबूत पुल:
पीएम मोदी ने प्रवासी भारतीयों से भी मुलाकात की और उनकी तारीफ करते हुए कहा कि विदेशों में रहने वाले भारतीय भारत और मलेशिया के बीच एक मजबूत पुल की तरह काम कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, अपने भाषण में पीएम मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि इस वैश्विक चुनौती से निपटने के लिए दोस्त देशों का साथ बहुत जरूरी है। उन्होंने शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तारीफ की, जिसमें 800 से ज्यादा कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति दी।
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा भारत-मलेशिया संबंधों को एक नई दिशा प्रदान करता है, जिसका सकारात्मक असर आने वाले समय में व्यापारिक, तकनीकी और सुरक्षा सहयोग पर स्पष्ट रूप से दिखाई देगा, जिससे दोनों देशों को रणनीतिक फायदा मिलेगा।









