Loading...
  • ... अपडेट हो रहा है
  • ... अपडेट हो रहा है
  • ... अपडेट हो रहा है
24K Gold
Loading...
Silver (1kg)
Loading...
24K Gold
Loading...
ताज़ा ख़बरें
Loading updates...

पंजाब में बाढ़ का कहर थमा, 57 मौतें और लाखों प्रभावित- मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने खोले राहत कार्यों के चौंकाने वाले आंकड़े

संक्षेप में मुख्य समाचार

  • पंजाब में **बाढ़ की स्थिति अब पूरी तरह स्थिर**।
  • सभी **राहत शिविर बंद** और लोग **घर लौट** गए हैं।
  • लगभग **23,340 लोगों** को सुरक्षित निकाला गया।
  • **22 ज़िले** और **2,555 गाँव** प्रभावित हुए हैं।
  • बाढ़ में **57 लोग मरे** और **4 लापता** हैं।

Punjab News : पंजाब राजस्व, पुनर्वास और आपदा प्रबंधन मंत्री **हरदीप सिंह मुंडियां** ने आज बताया कि राज्य में **बाढ़ की स्थिति स्थिर** हो गई है क्योंकि **सभी राहत शिविर अब बंद** कर दिए गए हैं और शेष सभी लोग अपने घर लौट गए हैं।

राजस्व मंत्री ने बताया कि पूरे पंजाब में बाढ़ के सबसे गंभीर समय के दौरान कुल **219 राहत शिविर** खोले गए थे, जिनमें समय-समय पर लगभग **8,270 लोग आश्रयित** थे। जैसे-जैसे हालात सुधरे, इन शिविरों में रह रहे लोगों की संख्या धीरे-धीरे कम होती गई और आज **एक भी राहत शिविर सक्रिय नहीं** है, जो यह दर्शाता है कि सभी विस्थापित परिवार अपने गाँवों और घरों में पूरी तरह से लौट चुके हैं।

चिकित्सा एवं सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान

कार्रवाइयों की व्यापकता को दर्शाते हुए **हरदीप सिंह मुंडियां** ने कहा कि **1 अगस्त से अब तक 23,340 लोगों को संवेदनशील और फँसे हुए क्षेत्रों से सुरक्षित रूप से निकाला गया** है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रशासन ने शिविरों में अस्थायी आवास, भोजन, दवाएँ और आवश्यक सेवाएँ प्रदान कीं, साथ ही सफ़ाई के उपाय जैसे **मलबा हटाना, मृत पशुओं का निपटान, नालियों की सफ़ाई** और **सार्वजनिक संपत्तियों की मरम्मत** सुनिश्चित की गई।

फसलों को भारी नुकसान

कैबिनेट मंत्री ने बताया कि बाढ़ से कुल **22 ज़िले** और **2,555 गाँव** प्रभावित हुए हैं, जिनकी जनसंख्या **3,89,445** है। दुर्भाग्यवश, इस आपदा में **57 लोगों की जान चली गई** है और **4 लोग अभी भी लापता** हैं। **फ़सलों** को हुए नुक़सान का आकलन **1,99,926.2 हेक्टेयर** बताया गया है, जबकि **बुनियादी ढाँचा और पशुधन क्षतियाँ** अभी संकलित की जा रही हैं।

मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने आगे बताया कि **एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना, नौसेना और बीएसएफ** की टीमें नावों और कर्मियों के साथ बचाव एवं राहत कार्यों में लगाई गईं। ज़िला प्रशासन ने निरंतर **पेयजल, भोजन पैकेट और चिकित्सकीय सहायता** की आपूर्ति सुनिश्चित की, वहीं **पशु चिकित्सा दलों** को पशुधन की देखभाल के लिए तैनात किया गया।

यह भी पढ़ें : दुर्गा पूजा से पहले CM ममता बनर्जी का एक्शन प्लान, विकास और सुरक्षा दोनों पर जोर

संबंधित खबरें