Loading...
  • ... अपडेट हो रहा है
  • ... अपडेट हो रहा है
  • ... अपडेट हो रहा है
24K Gold
Loading...
Silver (1kg)
Loading...
24K Gold
Loading...
ताज़ा ख़बरें
Loading updates...

होम

शॉर्ट अपडेट

ब्रेकिंग

लाइव टीवी

मेन्यू

पंजाब के बाढ़ पीड़ितों को राहत: किसानों को 7200 रुपये प्रति एकड़ और मुआवजे में बढ़ोतरी

Farmer Compensation Punjab : पंजाब के बाढ़ प्रभावित लोगों को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बाढ़ प्रभावित ज़िलों में ‘जिसदा खेत, उसदी रेत’ योजना के तहत किसानों को अपने खेतों से रेत निकालने के लिए 7,200 रुपये प्रति एकड़ देने की घोषणा की है।

पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान चर्चा को समेटते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘जिसदा खेत, उसदी रेत’ योजना के तहत किसानों को अपने खेतों से बाढ़ के कारण जमा हुई रेत और मिट्टी निकालने और यदि वे चाहें तो उसे बेचने की अनुमति दी गई है। उन्होंने कहा कि बाढ़ के कारण डूबे गाँवों के कई खेतों में रेत और मिट्टी जमा हो गई है, इसलिए यह निर्णय लिया गया है कि किसानों को अपने खेतों से इसे निकालने की अनुमति दी जाए। भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार इस योजना के तहत किसानों को 7,200 रुपये प्रति एकड़ देगी।

फसल-मकान मुआवजा बढ़ा, डूबी जमीन पर राहत

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ पीड़ितों को बड़ी राहत पहुँचाने के लिए राज्य सरकार ने एस.डी.आर.एफ. नियमों के तहत फसल नुकसान के मुआवज़े में बढ़ोतरी की है। 26 से 33 प्रतिशत फसल नुकसान के लिए मुआवज़ा 2,000 रुपये प्रति एकड़ से बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रति एकड़, 33 से 75 प्रतिशत फसल नुकसान के लिए 6,800 रुपये प्रति एकड़ से बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रति एकड़, और 75 से 100 प्रतिशत फसल नुकसान के लिए 6,800 रुपये से बढ़ाकर 20,000 रुपये प्रति एकड़ किया गया है। उन्होंने कहा कि 20,000 रुपये प्रति एकड़ के मुआवज़े में राज्य सरकार 14,900 रुपये का योगदान देगी, जो देश में सबसे अधिक है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि वह कल (मंगलवार) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलकर राज्य के विभिन्न मुद्दों को उठाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरी तरह से क्षतिग्रस्त घरों की मरम्मत के लिए 1.20 लाख रुपये और आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त घरों के लिए मुआवज़ा 6,500 रुपये से बढ़ाकर 35,100 रुपये कर दिया गया है। उन्होंने आगे कहा कि बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए विशेष गिरदावरी पहले से ही तय समय के भीतर चल रही है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार उन किसानों को प्रति हेक्टेयर 47,500 रुपये (18,800 रुपये प्रति एकड़) देगी, जिनकी जमीन नदियों में बह गई है।

पुनर्वास का समय, 15 अक्टूबर से मिलेगा मुआवज़ा

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब एक गंभीर संकट का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा, “रचनात्मक आलोचना का हमेशा स्वागत है क्योंकि आलोचक ही सच्चे दोस्त होते हैं जो सरकार के कामकाज में कमियों को उजागर करते हैं।” उन्होंने बाढ़ के दौरान निस्वार्थ सामाजिक सेवा करने वालों का विशेष रूप से धन्यवाद करते हुए कहा कि विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने पुनर्वास के लिए शानदार काम किया है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि राशन और अन्य बाढ़ राहत सामग्री अन्य राज्यों के स्वयंसेवकों (वालंटियर्स) द्वारा भी प्रदान की गई, जो वास्तव में प्रशंसनीय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पुनर्वास के लिए गाँवों को गोद लिया है, जबकि सेना और एन.डी.आर.एफ. ने राहत कार्यों के लिए अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि अब पुनर्वास का समय है और राज्य सरकार इस संबंध में एक विधेयक पेश कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार दीवाली के त्योहार से पहले 15 अक्टूबर से बाढ़ प्रभावित लोगों को मुआवज़ा वितरित करना शुरू कर देगी।

पंजाब ने 4.50 करोड़ जारी किए, बाढ़ मुआवज़े बढ़ाने की केंद्र से मांग

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पंजाब सरकार ने राज्य के सेम प्रभावित क्षेत्रों के लिए पहले ही 4.50 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि मौसम की भविष्यवाणी के लिए उन्नत तकनीक विकसित करने के लिए आई.आई.टी. खड़गपुर और बेंगलुरु के साथ-साथ थापर यूनिवर्सिटी, पटियाला को भी शामिल किया गया है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि थापर यूनिवर्सिटी ऐसी प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को रोकने और कम करने के लिए मौसम संबंधी भविष्यवाणियों के लिए अपना सैटेलाइट लॉन्च करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने भारत सरकार से बाढ़ के मुआवज़े को बढ़ाकर 50,000 रुपये प्रति एकड़ करने की मांग की है। उन्होंने इस बात पर अफसोस जताया कि प्रधानमंत्री के पास महत्वपूर्ण मुद्दों पर राज्यपाल से मिलने का समय है, जबकि लोगों द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने राहत कार्यों के लिए प्रधानमंत्री से मुलाकात की मांग की, लेकिन प्रधानमंत्री के पास चुने हुए प्रतिनिधियों के लिए समय नहीं है।

केंद्र पर असमान व्यवहार और संविधान उल्लंघन का आरोप लगाया

भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस गंभीर संकट की घड़ी में भी केंद्रीय मंत्री राज्य सरकार और लोगों की मदद करने के बजाय केवल बाढ़ पर्यटन के लिए तस्वीरें खिंचवाने के लिए राज्य में आए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1,600 करोड़ रुपये भी राज्य के साथ एक क्रूर मज़ाक है। उन्होंने कहा कि यह भी सुनने में आ रहा है कि राज्य को एस.डी.आर.एफ. से मिलने वाले 240 करोड़ रुपये भी इसमें शामिल कर दिए गए हैं। इसके विपरीत, प्रधानमंत्री चुनावी राज्यों जैसे बिहार में बड़े राहत पैकेज की घोषणा कर रहे हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सौतेली माँ जैसा व्यवहार का कड़ा विरोध करता है और वह मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री के सामने ये मुद्दे उठाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा ऐसी नीच चालों से लोगों के जनादेश को दरकिनार कर रही है, जो पूरी तरह से अनुचित है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने ‘अघोषित राष्ट्रपति शासन’ लागू किया हुआ है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भगवंत सिंह मान ने कहा कि केंद्र सरकार संविधान के मूल संघीय ढांचे को नष्ट कर रही है, जो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है।

विपक्षी आलोचना को बताया बेबुनियाद

विपक्षी नेता के विरोध पर कड़ा प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने पूछा कि राज्य सरकार द्वारा स्थापित रंगला पंजाब फंड का विरोध करने के पीछे उनका क्या तर्क है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने यह फंड सी.एस.आर. और अन्य सामाजिक संस्थाओं, जो बाढ़ पीड़ितों की मदद करना चाहती हैं, से योगदान प्राप्त करने के लिए स्थापित किया है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि विपक्षी नेता उन कारणों से, जिनसे वे अच्छी तरह वाकिफ़ हैं, इस संबंध में आधारहीन बयान जारी कर रहे हैं।

एक किस्सा साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान देश के लोगों ने राष्ट्रीय रक्षा कोष में सोना दान किया था और पंजाबी लोगों ने उस समय के प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की अपील पर बड़ी मात्रा में सोना और करोड़ों रुपये का योगदान दिया था। उन्होंने कहा कि जब भी देश पर कोई संकट आता है, लोग उसी मिशनरी उत्साह के साथ योगदान देते हैं, लेकिन अब जब पंजाब संकट का सामना कर रहा है, तब ऐसे गैर-ज़िम्मेदाराना बयान जारी किए जा रहे हैं। भगवंत सिंह मान ने दुःख व्यक्त किया कि कांग्रेस नेता इस समय आधारहीन टिप्पणियाँ कर रहे हैं कि राज्य सरकार ने लोगों के लिए ‘कब्र खोद दी है’।

मॉक सत्र पर कसा तंज, विपक्ष से एकजुटता की अपील

मुख्यमंत्री ने बीजेपी द्वारा आयोजित मॉक सत्र पर चुटकी लेते हुए कहा कि बीजेपी के चुने हुए सदस्य असली सत्र में मौजूद नहीं थे, जबकि नकली विधानसभा में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि मॉक सत्र आयोजित करने वाले सभी नेताओं को लोग आम चुनावों के बाद 2029 में नकली लोकसभा सत्र करने का खुला समय देंगे। भगवंत सिंह मान ने कहा कि हर चुनौती एक सबक देती है और अब हमने बाढ़ के इस संकट से बहुत कुछ सीखा है। उन्होंने कहा कि राज्य के कई हिस्सों में वाटर रिचार्जिंग पॉइंट बनाए जाएँगे और पानी का स्तर बढ़ाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पूरे मिशनरी उत्साह के साथ काम कर रही है और गेहूं की फसल के लिए खेत तैयार करने के लिए मिट्टी निकालने का काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों को बड़ी राहत देने के लिए सदस्यों के सुझावों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष को इस संकट की घड़ी में सरकार के साथ एकजुट होकर चलना चाहिए। भगवंत सिंह मान ने विपक्ष से नीच स्तर की राजनीति से ऊपर उठकर बाढ़ प्रभावित लोगों की भलाई के लिए पूरे दिल से काम करने की अपील की।

यह भी पढ़ें : संयुक्त निदेशक प्रीत कंवल सिंह की माता स्वर्णजीत कौर का निधन, परिवार और समाज में शोक की लहर

संबंधित खबरें

दुनियाभर के कई देशों में Facebook और Instagram यूजर्स को शुक्रवार शाम से दिक्कतों का

आगरा। ताजनगरी आगरा में भारत अपडेट द्वारा आयोजित “कुशल नेतृत्व, बढ़ता उत्तर प्रदेश” कॉन्क्लेव प्रदेश

Weather Alert : दिल्ली-एनसीआर में पिछले एक सप्ताह से भीषण गर्मी और लू का असर

Aaj Ka Rashifal : 29 मई को मन के कारक चंद्रमा का गोचर शुक्र ग्रह

NEET UG Re-Exam : नीट पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों के बाद रद्द की

Gujarat News : हमारे देश में आज भी लोग ‘डायन’ और तांत्रिकों में अंधविश्वास करते

Blue Origin : एलन मस्क की स्पेसएक्स के साथ अंतरिक्ष दौड़ में शामिल जेफ बेजोस

West Bengal News : पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हालिया विधानसभा चुनाव

Hamirpur Bridge Collapse : हमीरपुर के कुरारा क्षेत्र में शुक्रवार तड़के एक बड़ा हादसा हो

Punjab News : जागरूकता और आपसी सहयोग के माध्यम से पर्यावरण संबंधी नियमों के पालन

Punjab News : महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट के दो कैडेटों अर्पित पराशर