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पंजाब में बाढ़ राहत कार्यों में तेजी: करोड़ों खर्च, वैज्ञानिक पशु निपटारा और तालाब सफाई का बड़ा अभियान

Punjab flood Relief Efforts : पंजाब सरकार ने राज्य के बाढ़ प्रभावित गाँवों को **सामान्य स्थिति में लाने** के लिए प्रयास तेज़ कर दिए हैं। पिछले **4 दिनों** में गाँवों की **सफ़ाई और गाद निकालने** पर **10.21 करोड़ रुपये** खर्च किए जा चुके हैं। ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री **तरुनप्रीत सिंह सौंद** ने बताया कि मुख्यमंत्री **भगवंत सिंह मान** के दिशा-निर्देशों के तहत बाढ़ के दौरान **मरे पशुओं का वैज्ञानिक ढंग से निपटारा** किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विभिन्न गाँवों में **259 पशुओं** के निपटारे पर **17.54 लाख रुपये** खर्च किए जा चुके हैं। सौंद ने कहा कि **मलबे की सफ़ाई** और **पशु शवों का निपटारा 24 सितम्बर** तक कर लिया जाएगा। इसके अलावा **तालाबों की सफ़ाई 22 अक्टूबर** तक हो जाएगी।

साझा संपत्तियों की मरम्मत और फॉगिंग कार्य जारी

**सौंद** ने आगे बताया कि बाढ़ प्रभावित ज़िलों में **साझा संपत्तियों की मरम्मत** पर अब तक प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार **153.33 करोड़ रुपये** खर्च आने का अनुमान लगाया गया है। उन्होंने कहा कि साझा संपत्तियों की ज़रूरी मरम्मत **15 अक्टूबर** तक कर ली जाएगी। इसके अलावा **युद्ध स्तर पर** चल रहे कार्यों के तहत **बीमारियों के फैलाव** का मुक़ाबला करने के लिए **543 फॉगिंग मशीनें** तैनात की जा चुकी हैं और **750 और मशीनों** की तैनाती जल्द कर दी जाएगी।

बाढ़ प्रभावित गांवों में ग्राम सभाओं से कार्य मंजूरी

उन्होंने बताया कि सभी बाढ़ प्रभावित **2280 गाँवों** में **ग्राम सभाएँ** भी बुलाई जा चुकी हैं। उन्होंने बताया कि **पारदर्शिता और जवाबदेही** सुनिश्चित करने के लिए ये विशेष ग्राम सभा बैठकें की गई हैं। इन बैठकों में **सबसे ज़रूरी कार्यों की पहचान** कर उन्हें मंज़ूरी दी गई। उल्लेखनीय है कि एक बार कार्य पूरा होने के बाद **खर्चों की समीक्षा** और कार्य पूरा होने की पुष्टि के लिए **पुनः ग्राम सभा की बैठक** बुलाई जाएगी।

जिला-वार निगरानी और साप्ताहिक रिपोर्टिंग शुरू

पंचायत मंत्री ने यह भी बताया कि **बीडीपीओ या डीडीपीओ** की अगुवाई में **ज़िला-वार निगरानी उप-कमेटीयाँ 19 सितम्बर** से **फ़ील्ड निरीक्षण** शुरू करेंगी। ये अधिकारी **साप्ताहिक सत्यापन रिपोर्टें** जमा करेंगे, **फंड के उपयोग का दस्तावेज़ीकरण** करेंगे और कार्य होने से पहले व बाद की **तस्वीरों को सुरक्षित** रखेंगे।

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