Loading...
  • ... अपडेट हो रहा है
  • ... अपडेट हो रहा है
  • ... अपडेट हो रहा है
24K Gold
Loading...
Silver (1kg)
Loading...
24K Gold
Loading...
ताज़ा ख़बरें
Loading updates...

Punjab News : पंजाब में स्कूल-कॉलेज समेत सरकारी दफ्तर रहेंगे बंद, पूरी खबर पढ़ें

Punjab News : पंजाब सरकार ने एक और अवकाश का ऐलान किया है। 25 नवंबर को एक और सरकारी छुट्टी मिलने जा रही है। इस दौरान राज्य के सभी स्कूल-कॉलेज और सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे।

श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व और करतार सिंह सराभा की शहीदी दिवस के बाद अब 25 नवंबर को श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस पर भी छुट्टी रहेगी। इस दौरान स्कूल-कॉलेज और सरकारी ऑफिस बंद रहेंगे।

अमृतसर में सख्त पाबंदियां

अमृतसर में श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस पर सख्त पाबंदियों की घोषणा की है। 20 और 21 नवंबर को नगर-कीर्तन के मार्ग पर शराब, अहाते, तंबाकू-सिगरेट व पान-बीड़ी, मांस, मछली, अंडा बेचने वाली दुकानों को बंद रखा जाएगा।

कीर्तन दरबार में शामिल हुए मान-केजरीवाल

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान श्री गुरु तेग बहादुर साहिब के 350वीं शहीदी दिवस के अवसर पर श्रीनगर के गुरुद्वारा श्री चट्टी पातशाही साहिब में आयोजित कीर्तन दरबार में शामिल हुए।

हिन्दू धर्म को बचाने के लिए दिया बलिदान

इस दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा कि गुरु साहिब जैसा बलिदान इतिहास में नहीं मिलता है। हिन्दू धर्म को बचाने के लिए श्री गुरु तेग बहादुर साहिब ने दिल्ली के चांदनी चौक में अपना सर्वोच्च बलिदान दे दिया। उन्होंने कहा कि बुधवार को श्रीनगर से यात्रा रवाना होगी और 22 नवंबर को आनंदपुर साहिब पहुंचेगी।

सभी से अपील है कि पंजाब सरकार द्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब के 350वीं शहीदी दिवस पर आयोजित कार्यक्रमों में ज्यादा से ज्यादा लोग शामिल हों। इस अवसर पर पंजाब सरकार की पूरी कैबिनेट समेत अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

मान ने गुरु तेग बहादुर की शहादत याद की

भगवंत मान ने गुरु तेग बहादुर की शहादत को याद करते हुए कहा कि ऐसी मिसालें दुनिया में कहीं नहीं मिलती। शहीदों के सरताज श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी ने कश्मीरी पंडितों की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। पंडित कृपा राम जी के नेतृत्व में जत्था दिल्ली आया और गुरु साहिब ने उनकी अरदास स्वीकार की।

भाई सेवा सिंह जी ने विस्तार से बताया और भाई हजेंद्र सिंह जी श्रीनगर वाले तथा भाई बलविंदर सिंह जी रंगीला की कथाएं सुनकर हम बड़े हुए हैं। बचपन में भाई मती दास जी की कथा सुनकर छोटी उम्र में ही दो मंजे जोड़कर स्पीकर लगाकर धार्मिक कीर्तन सुनता था। आज भाई मती दास जी, भाई दयाला जी और भाई सती दास जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।

संबंधित खबरें