प्यार, धोखा और खून की यह कहानी श्रीगंगानगर जिले की है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। एक नवविवाहित शिक्षक आशीष कुमार की हत्या को पहले हिट-एंड-रन का मामला बताया गया था, लेकिन पुलिस की गहन जांच ने यह साबित कर दिया कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि 16 दिन पहले रची गई एक खूनी साजिश थी। इस वारदात में आशीष की पत्नी अंजली और उसके पुराने प्रेमी समेत तीन अन्य आरोपी शामिल थे।
30 जनवरी 2026 की रात, श्रीगंगानगर के रावला थाना क्षेत्र के गांव 01 केएलएम की सुनसान सड़क पर 27 वर्षीय शिक्षक आशीष कुमार अपनी 23 वर्षीय पत्नी अंजू उर्फ अंजली के साथ इवनिंग वॉक पर निकले थे। उनकी शादी को सिर्फ तीन महीने हुए थे। रात करीब 9 बजे पुलिस को सूचना मिली कि सड़क किनारे एक युवक और युवती बेहोश पड़े हैं। आशीष को सिर और गले पर गंभीर चोटें थीं, जिससे अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई। अंजली घायल थी और शुरू में परिवार ने इसे अज्ञात वाहन से टक्कर (हिट-एंड-रन) का मामला बताया।
मामला साधारण सड़क दुर्घटना लग रहा था, लेकिन पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन की टीम को मेडिकल रिपोर्ट, आशीष के घावों के स्वरूप और घटनास्थल की जांच से तुरंत शक हुआ। सिर पर गहरी चोट के निशान और गला घोंटने (स्ट्रैंगलेशन) के सबूत मिले, जिससे साफ हो गया कि यह हत्या है। कॉल रिकॉर्ड्स और सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर कहानी पूरी तरह पलट गई।
जांच में खुलासा हुआ कि अंजली इस शादी से खुश नहीं थी और शादी के कुछ ही दिन बाद वह अपने मायके सादुलशहर चली गई थी। वहां उसने अपने पुराने प्रेमी संजय उर्फ संजू (25 वर्ष) से संपर्क साधा। उनका 7 साल पुराना अफेयर था। अंजली, संजू और उसके दो दोस्तों—रोहित उर्फ रॉकी (20) और बादल उर्फ सिद्धार्थ (20)—के साथ मिलकर आशीष को रास्ते से हटाने की साजिश में जुट गई। यह प्लानिंग करीब 16 दिन पहले मायके में रची गई थी।
साजिश के तहत, 30 जनवरी की रात अंजली आशीष को इवनिंग वॉक के बहाने उस सुनसान जगह पर ले गई, जहां संजू और उसके साथी घात लगाए बैठे थे। जैसे ही अंजली ने इशारा किया, तीनों आरोपियों ने लोहे की रॉड और डंडों से आशीष पर बेरहमी से हमला कर दिया। जब आशीष गिर पड़े, तो आरोपियों ने मफलर से उनका गला घोंट दिया, ताकि उनकी मौत सुनिश्चित हो सके। हत्या को लूटपाट का रूप देने के लिए, आरोपियों ने आशीष का मोबाइल फोन और सोने-चांदी के आभूषण भी छीन लिए और शव को सड़क किनारे फेंक दिया। पुलिस ने गहन पूछताछ के बाद 3-4 फरवरी तक चारों आरोपियों—पत्नी अंजली, प्रेमी संजय और उसके साथी रोहित व बादल—को गिरफ्तार कर लिया है।
यह मामला 2018 के चर्चित मेघालय हनीमून मर्डर की याद दिलाता है, जिसे मीडिया ‘हनीमून मर्डर 2.0’ कह रहा है। पुलिस अब संपत्ति और अन्य संभावित मोटिव की जांच कर रही है। रिश्तों में विश्वास के टूटने की यह घटना समाज में गंभीर सवाल खड़े करती है कि शादी के पवित्र बंधन में इतना बड़ा विश्वासघात कैसे हो सकता है।









