रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के पवित्र प्रेम और अटूट विश्वास का प्रतीक है। इस साल यह पर्व 28 अगस्त 2026 को धूमधाम से मनाया जाएगा। इस दिन बहनें अपने भाई की लंबी उम्र, सफलता और सुख-समृद्धि की कामना करते हुए उनकी कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती हैं। लेकिन अक्सर बहनों के मन में यह सवाल रहता है कि राखी बांधते समय कलाई पर कितनी गांठें लगानी चाहिए और इसका क्या धार्मिक महत्व है।
रक्षाबंधन 2026 पर राखी बांधने का शुभ समय
हिंदू पंचांग के अनुसार, 28 अगस्त को राखी बांधने का शुभ मुहूर्त सुबह 6:23 बजे से 9:48 बजे तक बताया गया है। इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:14 बजे से 1:05 बजे तक रहेगा। इस दौरान भी भाई की कलाई पर राखी बांधी जा सकती है।
रक्षाबंधन पर लगेगा चंद्र ग्रहण
इस साल रक्षाबंधन के दिन चंद्र ग्रहण भी लगने वाला है। हालांकि, यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। ऐसे में भारत में इसका सूतक काल और इससे जुड़े नियम मान्य नहीं होंगे। बहनें शुभ समय के अनुसार अपने भाई को राखी बांध सकती हैं।
राखी में कितनी गांठ लगानी चाहिए?
धार्मिक और पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार राखी बांधते समय तीन गांठें लगाने की परंपरा कई परिवारों में देखने को मिलती है। इन तीनों गांठों को भाई-बहन के रिश्ते से जुड़ी अलग-अलग शुभ भावनाओं का प्रतीक माना जाता है।
पहली गांठ रिश्ते की मजबूती और भाई की सुख-समृद्धि की कामना से जोड़ी जाती है। दूसरी गांठ भाई-बहन के बीच प्रेम और आपसी विश्वास का प्रतीक मानी जाती है। वहीं, तीसरी गांठ भाई की खुशहाली, लंबी उम्र और बहन की रक्षा की भावना से जोड़ी जाती है।
हालांकि, यह जरूरी नहीं है कि हर परिवार में राखी की तीन गांठें ही लगाई जाएं। अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में राखी बांधने की परंपरा अलग हो सकती है। कुछ लोग एक ही गांठ लगाकर राखी बांधते हैं।
पहली गांठ का क्या है महत्व?
पहली गांठ को भाई-बहन के रिश्ते की मजबूती से जोड़ा जाता है। बहन इस गांठ के साथ अपने भाई के साथ हमेशा प्यार और अपनापन बनाए रखने की कामना करती है। बचपन की नोकझोंक से लेकर बड़े होने तक का साथ इस रिश्ते को खास बनाता है।
दूसरी गांठ किसका प्रतीक है?
दूसरी गांठ को सुख, समृद्धि और प्रेम से जोड़कर देखा जाता है। बहन अपने भाई के जीवन में तरक्की, शांति और खुशियां आने की प्रार्थना करती है। वहीं, भाई भी अपनी बहन के सुख, सम्मान और सफलता की कामना करता है।
तीसरी गांठ का क्या मतलब है?
तीसरी गांठ को विश्वास, खुशहाली और सुरक्षा की भावना से जोड़ा जाता है। इसका भाव यह है कि भाई-बहन एक-दूसरे के सुख-दुख में हमेशा साथ खड़े रहें और उनके बीच का रिश्ता जीवनभर मजबूत बना रहे।
क्या राखी में तीन गांठ लगाना जरूरी है?
नहीं, राखी में तीन गांठ लगाना कोई अनिवार्य धार्मिक नियम नहीं है। यह अलग-अलग परिवारों और परंपराओं के अनुसार बदल सकता है। अगर आपके घर में राखी बांधने की कोई विशेष परंपरा है, तो आप उसे ही अपना सकते हैं।