Loading...
  • ... अपडेट हो रहा है
  • ... अपडेट हो रहा है
  • ... अपडेट हो रहा है
24K Gold
Loading...
Silver (1kg)
Loading...
24K Gold
Loading...
ताज़ा ख़बरें
Loading updates...

2026 गणतंत्र दिवस: भारत की कूटनीति का मास्टरस्ट्रोक, EU के दो शीर्ष नेता हुए मुख्य अतिथि

गणतंत्र दिवस 2026 का राजनयिक महत्व

26 जनवरी 2026 को भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस बड़ी धूम-धाम से मनाने जा रहा है। इस बार का समारोह न केवल देश की संस्कृति और सैन्य शक्ति का प्रदर्शन होगा, बल्कि इसका राजनयिक महत्व भी बेहद खास है। इस वर्ष पहली बार यूरोपीय संघ (EU) के दो शीर्ष नेताओं को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है, जो भारत और यूरोप के बीच गहरे होते रणनीतिक रिश्तों का स्पष्ट संकेत है।

इस वर्ष गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा हुए । उर्सुला वॉन डेर लेयेन जर्मनी की एक प्रभावशाली राजनीतिज्ञ और यूरोपीय संघ की सबसे उच्च पदस्थ महिला नेता हैं, जो लगातार दूसरी बार इस पद पर सेवा दे रही हैं। यह पहली बार है जब यूरोपीय संघ के इतने बड़े नेताओं को एक साथ गणतंत्र दिवस समारोह में आमंत्रित किया गया है, जो 27 देशों के इस संगठन के साथ भारत के बढ़ते सहयोग को दर्शाता है।

दोनों शीर्ष नेता 24 जनवरी से 27 जनवरी 2026 तक भारत में रहेंगे। इस यात्रा का मुख्य केंद्र 27 जनवरी को होने वाला भारत-EU शिखर सम्मेलन है। इस दौरान दोनों पक्ष महत्वाकांक्षी मुफ्त व्यापार समझौते (FTA) और रणनीतिक साझेदारी को अंतिम रूप देने पर चर्चा करेंगे। यह समझौता दुनिया के लगभग 2 अरब लोगों के विशाल बाजार को जोड़ सकता है, जिससे व्यापार और आर्थिक सहयोग के नए रास्ते खुलेंगे।

गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ (Kartavya Path) पर आयोजित होने वाली परेड में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की उपस्थिति में भारत अपनी सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक विविधता और विकास की गाथा प्रस्तुत करेगा। इस वर्ष परेड की थीम 150 साल ‘वन्दे मातरम’ के इर्द-गिर्द केंद्रित रहेगी, जो देश के समृद्ध इतिहास का स्मरण कराती है। EU नेताओं की उपस्थिति वैश्विक मंच पर भारत के राजनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को और अधिक मजबूती प्रदान करेगी।

यह ऐतिहासिक कदम दर्शाता है कि भारत वैश्विक कूटनीति में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी के रूप में उभर रहा है, और यूरोपीय संघ के साथ यह साझेदारी भविष्य में बड़े आर्थिक और रणनीतिक लाभों का द्वार खोलेगी।