बिहार के पूर्णिया में अंतरजातीय प्रेम विवाह का एक मामला इन दिनों चर्चा में है। यहां 18 साल की रिया गोस्वामी ने अपनी पसंद से 23-24 साल के मिलन पासवान से शादी कर ली। रिया के इस फैसले से नाराज उसके परिवार ने बेटी को मृत मानते हुए उसका सांकेतिक अंतिम संस्कार कर दिया। परिवार ने रिया की तस्वीर और पुतले को अर्थी पर रखकर शव यात्रा निकाली और अंतिम संस्कार की रस्म पूरी की। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है।
मामला पूर्णिया के चपय गांव का बताया जा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक रिया और मिलन एक-दूसरे को पहले से जानते थे और करीब एक साल से दोनों के बीच संबंध थे। मिलन दलित समुदाय से आते हैं, जबकि रिया ब्राह्मण परिवार से हैं। दोनों के घर भी एक-दूसरे के आसपास बताए जा रहे हैं।
अदालत में रिया ने बताई अपनी मर्जी
मामला तब सामने आया जब रिया के घर से चले जाने के बाद उसके पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बाद में रिया और मिलन को बरामद कर अदालत में पेश किया। अदालत में रिया ने अपने बयान में कहा कि वह बालिग है और अपनी मर्जी से मिलन के साथ रहना चाहती है। इसके बाद दोनों ने अपनी पसंद से शादी करने का फैसला किया।
रिया का कहना है कि वह चाहती थीं कि उनकी शादी परिवार की मर्जी से हो, लेकिन उन्हें दूसरी जाति में शादी करने पर परिवार की ओर से विरोध और धमकी का सामना करना पड़ा। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं हुई है।
बेटी की जगह पुतले का किया अंतिम संस्कार
बेटी के फैसले से नाराज परिवार ने उसके जिंदा रहते ही उसे मृत मानने का फैसला किया। परिवार ने रिया की तस्वीर वाला पुतला तैयार किया और उसे अर्थी पर रखकर गांव में शव यात्रा निकाली। इसके बाद परिवार की ओर से प्रतीकात्मक रूप से उसका अंतिम संस्कार किया गया। बाद में श्राद्ध और पिंडदान की रस्में भी किए जाने की रिपोर्ट सामने आई।
रिया के पिता का कहना है कि उन्होंने अपनी बेटी की शादी अपनी ही जाति में तय करने की तैयारी कर ली थी, लेकिन रिया ने अपनी पसंद से शादी कर ली। परिवार ने अब रिया से संबंध खत्म करने की बात कही है।
पंचायत में भी हुआ था विवाद
रिपोर्टों के मुताबिक, मामले को सुलझाने के लिए गांव में सामाजिक स्तर पर बैठक भी हुई थी। दोनों पक्षों को बुलाकर विवाद खत्म करने की कोशिश की गई, लेकिन रिया अपने फैसले से पीछे नहीं हटीं। बाद में रिया अपने पति मिलन के साथ रहने चली गईं। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, श्राद्ध की रस्में पूरी होने के बाद रिया अपने पति के साथ गांव लौटीं और मिलन के परिवार ने उनका स्वागत किया।
रिया ने परिवार पर लगाया जातिवाद का आरोप
गांव लौटने के बाद रिया ने अपने माता-पिता के फैसले पर नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवार ने उनके रिश्ते से ज्यादा जाति को महत्व दिया। रिया ने कहा कि बालिग होने के नाते उन्हें अपना जीवनसाथी चुनने का अधिकार है। दूसरी ओर, रिया के पिता और परिवार के सदस्य अपनी बेटी के फैसले से दुखी और नाराज हैं। उनका कहना है कि उन्होंने बेटी की शादी के लिए अपनी तरफ से तैयारियां की थीं।
इस घटना के बाद चपय गांव में मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। अंतरजातीय विवाह, परिवार की नाराजगी और जीवित बेटी का सांकेतिक अंतिम संस्कार किए जाने को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस जारी है।