पटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना में आयोजित 9वें माटी-पूर्वांचल महोत्सव में अलग-अलग क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली हस्तियों को सम्मानित किया। ऊर्जा ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में कला, साहित्य, शिक्षा, खेल, चिकित्सा और सामाजिक क्षेत्र से जुड़ी 9 हस्तियों को माटी सम्मान दिया गया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि पूर्वांचल की समृद्ध संस्कृति, कला और प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए ऐसे आयोजनों की जरूरत है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और अपनी संस्कृति से जोड़ना सभी की जिम्मेदारी है।
सम्राट चौधरी ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार का इतिहास गौरवशाली और समृद्ध रहा है। राज्य में भोजपुरी, मैथिली, मगही, बज्जिका और अंगिका जैसी कई भाषाएं बोली जाती हैं, जो बिहार की विविध सांस्कृतिक पहचान को दर्शाती हैं। उन्होंने पूर्वांचल को बिहार और उत्तर प्रदेश की साझा सांस्कृतिक विरासत बताते हुए कहा कि दोनों राज्यों की संस्कृति और मानवीय संसाधन देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
सम्राट चौधरी ने कहा कि ‘माटी का फर्ज निभाना और माटी का कर्ज लौटाना’ हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने माटी संस्था की ओर से कला, संस्कृति और प्रतिभाओं को मंच देने की पहल की भी सराहना की।
इन 9 हस्तियों को मिला माटी सम्मान
माटी-पूर्वांचल महोत्सव में अलग-अलग क्षेत्रों में योगदान के लिए जिन हस्तियों को सम्मानित किया गया, उनमें शामिल हैं:
- मालिनी अवस्थी – पद्मश्री सम्मानित लोक गायिका
- सैयद सबा करीम – पूर्व भारतीय क्रिकेटर
- श्वेता सिंह – आज तक की सीनियर मैनेजिंग एडिटर
- बृजेश कुमार सिंह – बैंक ऑफ बड़ौदा के एमडी एवं सीईओ
- न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह – पटना हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश
- डॉ. राजीव रंजन – पटना के वरिष्ठ चिकित्सक
- शशांक कुमार – DeHaat के सह-संस्थापक एवं सीईओ
- मधु कुमारी – भारतीय फुटबॉल कोच और पूर्व उप-कप्तान
- एक अन्य सम्मानित विभूति – कार्यक्रम की रिपोर्टिंग में सम्मानित हस्तियों की संख्या 9 बताई गई है, जबकि उपलब्ध विस्तृत सूची में 8 नाम स्पष्ट रूप से दर्ज हैं।
कार्यक्रम में सम्मानित हस्तियों ने बिहार और पूर्वांचल से अपने जुड़ाव और माटी संस्था की पहल के प्रति आभार जताया।
पूर्वांचल की संस्कृति को मंच देने की पहल
माटी-पूर्वांचल महोत्सव में पूर्वांचल के खान-पान, लोकगीत-संगीत, कला और संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके अलावा परिचर्चा और माटी सम्मान जैसे कार्यक्रम भी हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से क्षेत्र की प्रतिभाओं को पहचान मिलती है और युवा अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ते हैं। कार्यक्रम में कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार, सांसद एवं माटी संस्था के संरक्षक जगदंबिका पाल, संस्था के संयोजक आसिफ आजमी और अन्य लोग भी मौजूद रहे।