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“रोज़गार दो–सामाजिक न्याय दो” पदयात्रा के तीसरे दिन उमड़ा जनसैलाब, दलित व बेरोजगारों के लिए संजय सिंह ने कही ये बात

Lucknow : उत्तर प्रदेश में बढ़ती बेरोज़गारी और सामाजिक असमानता के विरोध में आम आदमी पार्टी (आप) की **“रोज़गार दो- सामाजिक न्याय दो” पदयात्रा** को शुक्रवार को तीसरे दिन भी जनता का व्यापक समर्थन प्राप्त हुआ। ‘आप’ के यूपी प्रभारी और राज्यसभा सांसद **संजय सिंह** के नेतृत्व में यह यात्रा अयोध्या के बीकापुर से प्रारंभ होकर खजुरहट होते हुए सुल्तानपुर के कूरेभार पहुँची। इस दौरान सैकड़ों लोगों ने पदयात्रा का ज़ोरदार स्वागत किया।

पदयात्रा का गर्मजोशी से स्वागत

रास्ते भर, युवाओं, वकीलों, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने पदयात्रा का गर्मजोशी से अभिनन्दन किया। जगह-जगह पुष्पवर्षा की गई और लोग **“रोज़गार दो- सामाजिक न्याय दो”** के नारे लगाते हुए इस आंदोलन में शामिल हुए। राज्यसभा सांसद संजय सिंह की अगुवाई में यह पदयात्रा धीरे-धीरे एक जनआंदोलन का रूप ले रही है। यह 13 दिवसीय पदयात्रा लगभग 200 किलोमीटर की दूरी तय करेगी, जो अयोध्या से सुल्तानपुर और अमेठी होते हुए प्रयागराज में संपन्न होगी।

संजय सिंह ने बताया पदयात्रा का लक्ष्य

संजय सिंह ने घोषणा की कि इस यात्रा का उद्देश्य दलित, पिछड़े, शोषित और वंचित समाज को उनका अधिकार दिलाना तथा युवाओं के लिए रोज़गार की माँग करना है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में जातिगत भेदभाव, असमानता और व्यापक भ्रष्टाचार ने गरीबों और युवाओं के जीवन को अत्यंत कठिन बना दिया है। उन्होंने आगे कहा, “रामराज्य तभी आएगा जब प्रत्येक व्यक्ति को समान अवसर प्राप्त होंगे और हर हाथ को काम मिलेगा। रोज़गार और न्याय के बिना कोई भी समाज प्रगति नहीं कर सकता।”

बेरोज़गारी पर संजय सिंह का तीखा प्रहार

सांसद संजय सिंह ने ज़ोर देकर कहा कि उत्तर प्रदेश के युवा बेरोज़गारी की भीषण मार झेल रहे हैं। भर्ती परीक्षाओं में लगातार पेपर लीक हो रहे हैं और चयन प्रक्रियाओं में भारी धांधली देखने को मिल रही है। सरकार केवल खोखले वादे कर रही है, जबकि रोज़गार उपलब्ध कराने की उसकी नीयत नज़र नहीं आती। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में विभिन्न प्रमुख विभागों में स्वीकृत पदों और रिक्तियों के बीच एक बड़ा अंतर साफ़ दिखाई देता है। उदाहरण के लिए, शिक्षा विभाग में 5 लाख से अधिक स्वीकृत पदों के बावजूद, लगभग 2 लाख से ज़्यादा पद अभी भी खाली पड़े हैं। स्वास्थ्य और चिकित्सा विभाग में 1.5 लाख स्वीकृत पदों की तुलना में लगभग 50 हज़ार पद रिक्त हैं। पुलिस और सुरक्षा विभाग में भी 4 लाख स्वीकृत पद होने के बावजूद लगभग 1 लाख से अधिक पद खाली बताए जाते हैं। यही कारण है कि आम आदमी पार्टी ने सड़क पर उतरकर युवाओं के अधिकारों की लड़ाई शुरू की है।

दलितों और पिछड़ों को दबाने में लगी सरकार- संजय सिंह

सांसद संजय सिंह ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में प्रतिदिन दलितों और पिछड़े वर्ग के साथ भेदभाव और हिंसा की घटनाएँ सामने आती हैं। आरक्षण में हेराफेरी और पुलिस थानों में पक्षपातपूर्ण व्यवहार एक आम बात हो गई है। उन्होंने कहा कि जब तक समाज के अंतिम व्यक्ति को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक लोकतंत्र मज़बूत नहीं हो सकता। उन्होंने कहा, “आम आदमी पार्टी का संकल्प है कि हर गरीब, हर दलित, हर युवा को समान अवसर और सम्मान मिले। यही वास्तविक विकास है।”

यूपी के युवाओं का संघर्ष अब निर्णायक मोड़ पर – संजय सिंह

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का युवा अब चुपचाप नहीं बैठेगा। यह पदयात्रा रोज़गार और सम्मान की लड़ाई का एक महत्वपूर्ण आरंभ है। जनता आम आदमी पार्टी के साथ खड़ी हो रही है, क्योंकि उन्हें विश्वास है कि केवल ‘आप’ ही जनता की सच्ची आवाज़ है।

पंजाब की जीत ने आप कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाया

पंजाब के तरनतारन उपचुनाव में आम आदमी पार्टी की शानदार विजय पर संजय सिंह ने टिप्पणी की कि यह जीत अरविंद केजरीवाल की ईमानदार राजनीति और मुख्यमंत्री भगवंत मान की जनहितैषी नीतियों की सफलता है। उन्होंने कहा, “तरनतारन की जीत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जनता अब विकास, शिक्षा और रोज़गार चाहती है, और यही आम आदमी पार्टी का मार्ग है।”

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की यह पदयात्रा उसी विचारधारा को आगे बढ़ा रही है, “जनता की लड़ाई जनता के साथ मिलकर लड़ी जाएगी।” इस पदयात्रा में आम आदमी पार्टी के निवर्तमान अध्यक्ष सभाजीत सिंह और पंचायत प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष मनोज मिश्रा ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर सांसद संजय सिंह के स्वागत कार्यक्रमों का आयोजन किया।

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